📰 द हिंदू संपादकीय विश्लेषण: समुद्री सुरक्षा, डेंगू वैक्सीन और बाल विकास

UPSC Mains GS-1, GS-2, GS-3 एवं प्रारंभिक परीक्षा के लिए विस्तृत अध्ययन सामग्री

📅 दैनिक संपादकीय विश्लेषण | विस्तृत बिंदुवार नोट्स (Detailed Point-wise Notes)
Explainer | अंतर्राष्ट्रीय संबंध + समुद्री सुरक्षा

⚓ क्या भारत खाड़ी में अपने नाविकों की रक्षा कर सकता है?

संदर्भ: फारस की खाड़ी में अमेरिकी मिसाइल हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत-अमेरिका कूटनीतिक तनाव।

📋 Syllabus Linkage: GS-2: भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंध; प्रवासी भारतीय; भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते GS-3: समुद्री सुरक्षा; अंतर्राष्ट्रीय कानून और संधियां
🎯 चर्चा में क्यों? जून 12, 2024 को भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रतिनिधि जेसन मीक्स को तलब कर "कड़ा विरोध" दर्ज कराया। यह विरोध फारस की खाड़ी में भारतीय चालक दल वाले व्यापारिक जहाजों पर हुए अमेरिकी मिसाइल हमलों के विरुद्ध था, जिनमें MT Settebello जहाज पर तीन भारतीय नाविक मारे गए।

⚡ मुख्य सार (Crux)

भारत के लाखों नाविक 'विदेशी ध्वज' वाले जहाजों पर काम करते हैं, जिससे संघर्ष की स्थिति में भारत की कानूनी और कूटनीतिक शक्ति सीमित हो जाती है। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के बावजूद, अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों पर जवाबदेही तय करना और नागरिक चालक दल की रक्षा करना भारत के लिए एक बड़ी चुनौती है।

📝 संपादकीय के विस्तृत बिंदु (Detailed Analysis)

  • घटना का विवरण: 8, 10 और 11 जून को अमेरिकी नौसेना ने 'हेलफायर मिसाइलों' से तीन टैंकरों — Marivex, Settebello और Jalveer — पर हमला किया। Settebello पर एक चीफ इंजीनियर, एक इंजन फिटर और एक डेक कैडेट सहित तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु हो गई।
  • अमेरिका का आरोप: अमेरिका का दावा है कि ये जहाज ईरानी तेल की "अवैध तस्करी" कर रहे थे और अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकेबंदी (Blockade) का उल्लंघन कर रहे थे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे "बर्दाश्त न किए जाने योग्य" बताया।
  • भारत का रुख: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 'X' पर पोस्ट कर इन हमलों को "अनुचित और घातक" बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत का तर्क है कि वाणिज्यिक शिपिंग के खिलाफ ऐसी कार्रवाई उचित नहीं ठहराई जा सकती।
  • भारतीय नाविकों की वैश्विक उपस्थिति: दुनिया भर में लगभग 3.5 लाख भारतीय नाविक जहाजों पर कार्यरत हैं। यानी दुनिया का हर छठा नाविक भारतीय है। IMO के अनुसार, फारस की खाड़ी में लगभग 20,000 नाविक फंसे हुए हैं, जबकि DG शिपिंग के अनुसार पूरे खाड़ी क्षेत्र में लगभग 23,000 भारतीय नाविक हैं (आधे से अधिक UAE में)।
  • 'सुविधा के ध्वज' (FOC) की समस्या: ये सभी जहाज विदेशी ध्वजों के नीचे पंजीकृत थे (जैसे Settebello पलाऊ के झंडे के नीचे)। जहाज मालिक पनामा, मार्शल आइलैंड्स, लाइबेरिया जैसे देशों में अपने जहाज पंजीकृत करते हैं जहाँ कानून सरल और कर कम होते हैं। इससे भारत के लिए सीधा कानूनी हस्तक्षेप मुश्किल हो जाता है।
  • अमेरिकी प्रतिबंधों का प्रभाव: Marivex को दिसंबर 2025 में ईरानी कनेक्शन के लिए अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किया गया था। अमेरिकी प्रतिबंध अन्य देशों पर बाध्यकारी नहीं होते, लेकिन ट्रेजरी विभाग के प्रतिबंध संबंधित कंपनियों के लिए वित्तीय प्रणाली तक पहुंच को कठिन बना देते हैं। प्रायः ऐसे जहाज बीमा कवर खो देते हैं, जिसके बिना बंदरगाह उन्हें स्वीकार नहीं करते।
  • व्यापारिक जहाजों की रक्षाहीनता: व्यापारिक जहाज मूल रूप से निहत्थे (Defenceless) होते हैं। हमलावरों से बचाव के लिए उनके पास केवल हाई-प्रेशर वाटर जेट जैसे साधन होते हैं, जो सोमाली समुद्री लुटेरों या मिसाइलों के सामने अप्रभावी हैं।
  • भारत के सीमित विकल्प: भारत ने हूती हमलों से बचाव के लिए 'ऑपरेशन संकल्प' चलाया और 2024 में सोमाली लुटेरों के खिलाफ कार्रवाई की। लेकिन फारस की खाड़ी में मुख्य पक्षकार अमेरिका और ईरान हैं, इसलिए भारत के विकल्प सीमित हैं।

⚖️ अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून और नियामक

UNCLOS और IMO की भूमिका
  • IMO (International Maritime Organisation): यह संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी है जो वैश्विक शिपिंग को विनियमित करती है। हालांकि यह तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं को नियंत्रित करती है, लेकिन नाविकों की रक्षा करने में अक्सर असमर्थ रही है।
  • UNCLOS: समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र संधि महासागरों को नियंत्रित करती है। यह होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे क्षेत्रों में पारगमन के नियम बनाती है। समस्या यह है कि अमेरिका ने UNCLOS पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं (क्योंकि वह गहरे समुद्र तल को 'साझा संपत्ति' मानने से इनकार करता है) और ईरान ने हस्ताक्षर तो किए पर उसकी पुष्टि नहीं की। इससे प्रवर्तन (Enforcement) कमजोर हो जाता है।
🇮🇳 भारत के लिए महत्व भारत होर्मुज जलडमरूमध्य पर अत्यधिक निर्भर है, क्योंकि इसके तेल आयात का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है। नाविकों की मृत्यु न केवल मानवीय त्रासदी है, बल्कि भारत की 'ऊर्जा सुरक्षा' और 'व्यापारिक हितों' पर भी सीधा प्रहार है। यह घटना दिखाती है कि वैश्विक संघर्षों के बीच भारत को अपने समुद्री नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कानूनी और कूटनीतिक रणनीति की आवश्यकता है।

📍 Prelims Pointers (प्रारंभिक परीक्षा के अतिरिक्त बिंदु)

होर्मुज जलडमरूमध्य Flags of Convenience (FOC) UNCLOS (1982) IMO ऑपरेशन संकल्प DG Shipping सलालाह/दुकम (निकटवर्ती बंदरगाह)
याद रखें: होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'तेल चोक पॉइंट' है। UNCLOS पर अमेरिका ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं — यह तथ्य प्रायः परीक्षा में पूछा जाता है।

✏️ संभावित मुख्य परीक्षा प्रश्न (Mains)

  • "वैश्विक शिपिंग में भारतीय नाविकों की भारी उपस्थिति के बावजूद, संघर्ष क्षेत्रों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत की कूटनीतिक सीमाएं हैं।" 'Flags of Convenience' के संदर्भ में आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (GS-2/GS-3, 250 शब्द)
  • समुद्री सुरक्षा के लिए मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय कानूनी ढांचे (UNCLOS, IMO) की प्रभावशीलता का परीक्षण कीजिए। (GS-2, 150 शब्द)

🎯 अभ्यास MCQ

'Flags of Convenience' (FOC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह किसी जहाज को उसके वास्तविक मालिक के देश के बजाय किसी अन्य देश में पंजीकृत करने की प्रथा है।
2. UNCLOS के तहत, नाविकों की कानूनी सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी 'ध्वज राष्ट्र' (Flag State) की होती है, न कि नाविक के गृह देश की।

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: C — दोनों कथन सही हैं। FOC जहाज मालिकों को सस्ते पंजीकरण और कम कर का लाभ देता है, और कानूनी जिम्मेदारी उस देश की होती है जिसके झंडे के नीचे जहाज पंजीकृत है।
स्वास्थ्य | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

💉 DengiAll: ब्राजील में मौतें और भारत की डेंगू वैक्सीन पर चिंता

लेखक: एस. स्वामीनाथन (पूर्व डेंगू वैक्सीन वैज्ञानिक, ICGEB) | संदर्भ: ब्राजील में डेंगू वैक्सीन अभियान के दौरान मौतें और भारत की आगामी वैक्सीन 'DengiAll'।

📋 Syllabus Linkage: GS-2: स्वास्थ्य क्षेत्र; सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप GS-3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में विकास (जैव प्रौद्योगिकी, वैक्सीन)
🎯 चर्चा में क्यों? जून 8 को ब्राजील में डेंगू टीकाकरण अभियान के दौरान दो लोगों की मृत्यु के बाद वैक्सीन (Butantan-DV) को निलंबित कर दिया गया। यह भारत के लिए चेतावनी है क्योंकि भारत की आगामी वैक्सीन DengiAll ब्राजील की वैक्सीन के लगभग समान तकनीक पर आधारित है।

⚡ मुख्य सार (Crux)

डेंगू के चार सेरोटाइप होते हैं और एक प्रभावी वैक्सीन को चारों के खिलाफ संतुलित प्रतिरक्षा देनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता, तो वैक्सीन से बनी अधूरी एंटीबॉडी 'ADE' के माध्यम से संक्रमण को और घातक बना सकती हैं। भारत को DengiAll लॉन्च करने से पहले मजबूत निगरानी (फार्माकोविजिलेंस) प्रणाली स्थापित करनी होगी।

📝 संपादकीय के विस्तृत बिंदु (Detailed Analysis)

  • दोनों वैक्सीन की समानता: ब्राजील की Butantan-DV और भारत की DengiAll लगभग समान हैं। दोनों 'लाइव एटिन्यूएटेड' (जीवित पर कमजोर) वायरस से बनी हैं और दोनों 'टेट्रावेलेंट' (Tetravalent) हैं, यानी इनमें चारों डेंगू वायरस (DENV) का मिश्रण है। दोनों US NIH (राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान) द्वारा विकसित तकनीक पर आधारित हैं।
  • चार सेरोटाइप की चुनौती: डेंगू वायरस चार रूपों में आता है — DENV-1, -2, -3 और -4। ब्राजील और भारत दोनों में चारों प्रचलित हैं। प्रत्येक सेरोटाइप पर विशेष 'E प्रोटीन' (envelope proteins) होते हैं, जो कोरोनावायरस के स्पाइक प्रोटीन के समान होते हैं। यद्यपि चारों सेरोटाइप समान हैं, उनके E प्रोटीन इतने भिन्न हैं कि प्रत्येक के लिए अलग प्रतिरक्षा की आवश्यकता होती है।
  • दो प्रकार की एंटीबॉडी: (a) टाइप-स्पेसिफिक एंटीबॉडी: केवल एक विशेष सेरोटाइप को रोकती हैं और उसमें बहुत प्रभावी होती हैं। (b) क्रॉस-रिएक्टिव एंटीबॉडी: ये चारों में से किसी को भी रोक सकती हैं — बशर्ते पर्याप्त मात्रा में हों।
  • ADE — सबसे बड़ा खतरा: जब क्रॉस-रिएक्टिव एंटीबॉडी का स्तर गिर जाता है, तो वे नए संक्रमण को रोकने में विफल रहती हैं और उल्टा उसे बढ़ा (enhance) देती हैं। इसे Antibody-dependent Enhancement (ADE) कहते हैं। इससे डेंगू गंभीर और संभावित रूप से घातक हो जाता है।
  • ब्राजील के आंकड़े: ब्राजील के अभियान में 42 वैक्सीन प्राप्तकर्ताओं में गंभीर दुष्प्रभाव दिखे — 2 की मृत्यु हुई और एक को गहन देखभाल की आवश्यकता पड़ी। हालांकि अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि ये 42 मामले 5 लाख टीकाकरण का केवल 0.008% हैं। आबादी के स्तर पर यह जोखिम छोटा है, पर व्यक्तिगत स्तर पर एक भी जान का नुकसान बहुत बड़ा है।
  • Dengvaxia का सबक: लगभग एक दशक पहले Sanofi Pasteur ने पहली टेट्रावेलेंट वैक्सीन 'Dengvaxia' बनाई थी। फिलीपींस में 8 लाख से अधिक बच्चों को यह दी गई। बाद में पता चला कि यह केवल DENV-4 के विरुद्ध एंटीबॉडी बना रही थी, जिससे गंभीर दुष्प्रभाव हुए। यह दर्शाता है कि चार जीवित वायरस मिलाने से स्वतः ही 'टेट्रावेलेंट इम्युनिटी' सुनिश्चित नहीं होती।
  • DengiAll की प्रगति: भारत में पनासिया बायोटेक की DengiAll का फेज-3 ट्रायल ICMR के साथ मिलकर चल रहा है। इसने जनवरी में 10,335 स्वस्थ स्वयंसेवकों का नामांकन लक्ष्य पूरा किया। ट्रायल अगस्त 2024 में शुरू हुआ और प्रतिभागियों पर दो साल तक नजर रखी जाएगी।
  • Qdenga और Takeda: ADE की चिंताएं एक और टेट्रावेलेंट वैक्सीन 'Qdenga' पर भी लागू होती हैं, जिसे जापान की Takeda बनाती है और जिसकी भारत में मंजूरी निकट है।

✅ भारत को क्या करना चाहिए (Way Forward)

  • सीरम विश्लेषण: पनासिया को लॉन्च से पहले टीका लगाए गए स्वयंसेवकों के रक्त के नमूनों का विश्लेषण कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चारों सेरोटाइप के विरुद्ध 'टाइप-स्पेसिफिक' एंटीबॉडी बन रही हैं और ADE का खतरा नहीं है।
  • मजबूत फार्माकोविजिलेंस: लॉन्च के बाद लंबी अवधि तक मरीजों की नियमित नैदानिक निगरानी और रक्त संग्रह आवश्यक है ताकि दुर्लभ या दीर्घकालिक प्रतिकूल घटनाओं की पहचान हो सके।
  • निरंतर वास्तविक-दुनिया निगरानी: यही दुर्लभ दुष्प्रभावों की पहचान की कुंजी है।
🔬 जानने योग्य: 'Live Attenuated' Vaccine क्या है? ऐसी वैक्सीन जिसमें रोग पैदा करने वाले वायरस के 'जीवित पर कमजोर' (weakened) रूप का उपयोग किया जाता है। यह मजबूत और लंबी प्रतिरक्षा देती है, लेकिन कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए जोखिम भरी हो सकती है। उदाहरण: BCG, खसरा (Measles), पोलियो (OPV)।

📍 Prelims Pointers

DENV-1,2,3,4 (सेरोटाइप) ADE Tetravalent Vaccine DengiAll (पनासिया + ICMR) Qdenga (Takeda) Dengvaxia (Sanofi) ICGEB फार्माकोविजिलेंस

✏️ संभावित मुख्य परीक्षा प्रश्न (Mains)

  • "डेंगू जैसे बहु-सेरोटाइप वायरस के लिए सुरक्षित वैक्सीन विकसित करने में 'Antibody-dependent Enhancement' (ADE) सबसे बड़ी चुनौती है।" स्पष्ट कीजिए और भारत के लिए आवश्यक सावधानियों पर चर्चा कीजिए। (GS-3, 250 शब्द)
  • भारत में वैक्सीन सुरक्षा सुनिश्चित करने में 'फार्माकोविजिलेंस' की भूमिका का परीक्षण कीजिए। (GS-2, 150 शब्द)

🎯 अभ्यास MCQ

डेंगू वैक्सीन के संदर्भ में 'Antibody-dependent Enhancement (ADE)' के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

A) यह वह स्थिति है जहां एंटीबॉडी वायरस को पूरी तरह नष्ट कर देती हैं।
B) यह वह स्थिति है जहां अपर्याप्त एंटीबॉडी वायरस को कोशिकाओं में प्रवेश कराकर संक्रमण को गंभीर बना देती हैं।
C) यह एंटीबायोटिक प्रतिरोध से संबंधित एक प्रक्रिया है।
D) यह केवल बैक्टीरियल संक्रमणों में होती है।
उत्तर: B — ADE में, क्रॉस-रिएक्टिव एंटीबॉडी का स्तर गिरने पर वे वायरस को रोकने के बजाय उसे कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करती हैं, जिससे डेंगू घातक हो सकता है।
शिक्षा | सामाजिक न्याय + मानव संसाधन विकास

🧠 भारतीय बच्चों के लिए 'सात-अंकों का IQ अवसर'

लेखक: बीना कोशी (CMC, वेल्लोर) एवं रिदय चोकशी (Rocket Learning) | मुख्य तर्क: आंगनवाड़ी प्रणाली में 'संज्ञानात्मक उत्तेजना' को शामिल कर बच्चों का IQ बढ़ाया जा सकता है।

📋 Syllabus Linkage: GS-1: जनसंख्या और संबंधित मुद्दे; सामाजिक सशक्तिकरण GS-2: शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित सामाजिक क्षेत्र की पहल; ICDS
🎯 चर्चा में क्यों? लेख यह प्रश्न उठाता है कि क्या प्रारंभिक बचपन के विकास (Early Childhood Development) की हमारी समझ को बदलकर भारत की भावी पीढ़ियों का IQ सात अंकों तक बढ़ाया जा सकता है। यह आंगनवाड़ी प्रणाली में केवल पोषण से आगे बढ़कर 'मस्तिष्क उत्तेजना' पर केंद्रित करने की वकालत करता है।

⚡ मुख्य सार (Crux)

बच्चे का विकास एक 'पारिस्थितिक प्रक्रिया' है जिसमें पोषण, स्वास्थ्य और शुरुआती सीख आपस में जुड़े हैं। केवल कैलोरी (भोजन) पर्याप्त नहीं है — बच्चों के साथ 'बात करना, खेलना और प्यार से व्यवहार करना' (Love-Talk-Play) उनके संज्ञानात्मक विकास के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है। एक 'विकसित भारत' के लिए प्रगति केवल भोजन पर नहीं टिक सकती।

📝 संपादकीय के विस्तृत बिंदु (Detailed Analysis)

  • आंगनवाड़ी का दायरा: भारत की आंगनवाड़ी प्रणाली के तहत लगभग 8 करोड़ बच्चे (0-6 वर्ष) पूरक पोषण, विकास निगरानी और स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करते हैं। 2012 से 2020 के बीच 5 साल से कम उम्र की मृत्यु दर 43 से घटकर 32 हो गई।
  • मस्तिष्क का तीव्र विकास: विकासशील मस्तिष्क अत्यधिक ऊर्जा-गहन होता है — यह आराम के समय शरीर की लगभग पांचवें हिस्से की ऊर्जा खपत करता है। अकेले पहले वर्ष में 'ग्रे मैटर' की मात्रा 149% और सेरिबेलम 240% तक बढ़ता है, क्योंकि भाषा, गति और योजना से जुड़े क्षेत्रों में लाखों सिनैप्स (तंत्रिका जुड़ाव) बनते हैं।
  • जमैका का प्रमाण (1980s): शोधकर्ताओं ने पाया कि केवल पोषण पूरकता से बच्चों का शारीरिक स्वास्थ्य सुधरा, लेकिन जब इसके साथ नियमित 'मनोसामाजिक उत्तेजना' (love-talk-play) जोड़ी गई, तो संज्ञानात्मक लाभ कहीं अधिक मजबूत थे।
  • वेल्लोर का अध्ययन: भारत में वेल्लोर के अध्ययन में पाया गया कि जो बच्चे 18-24 महीने तक नियमित रूप से प्री-स्कूल (आंगनवाड़ी सहित) जाते थे, उनके संज्ञानात्मक परीक्षणों में स्कोर 7 IQ अंक अधिक थे — यहां तक कि गरीबी, मां की शिक्षा और शुरुआती स्टंटिंग को ध्यान में रखने के बाद भी।
  • ब्राजील का समकक्ष अध्ययन: इसी तरह, ब्राजील के एक जन्म-समूह अध्ययन में, जिन बच्चों को संरचित प्री-स्कूल मिला, उनके 5 वर्ष की आयु में संज्ञानात्मक स्कोर 8 अंक अधिक थे। यह सिद्ध करता है कि पोषण और उत्तेजना के स्वतंत्र प्रभाव हैं, और दोनों मिलकर एक-दूसरे को बढ़ाते हैं।
  • घर के माहौल का महत्व: 'ग्रोथ चार्ट' पर संख्याएं पूरी कहानी नहीं बतातीं। बच्चे से कितनी बात होती है, उसे कितना पढ़ाया जाता है और भावनात्मक समर्थन — ये आहार से भी अधिक मजबूत भविष्यवक्ता (predictor) हैं।
  • आयरन की कमी और लेड का असर: वेल्लोर के अध्ययनों में, शुरुआती जीवन में आयरन की कमी या लेड (सीसा) के संपर्क वाले बच्चों ने विकासात्मक और संज्ञानात्मक मूल्यांकन में कम स्कोर किया — भले ही उनकी लंबाई और वजन सामान्य दिखे।

🏘️ आंगनवाड़ी की नई भूमिका और सरकारी पहल

समग्र विकास की दिशा में कदम
  • आधारशिला (Aadharshila): केंद्रों के भीतर खेल-आधारित प्री-स्कूल शिक्षा को मजबूत करती है।
  • नवचेतना (Navchetana): शुरुआती उत्तेजना को घर तक विस्तारित करती है, देखभाल करने वालों को रोजमर्रा की बातचीत के माध्यम से विकास का समर्थन करने के लिए सक्षम बनाती है।
  • पोषण पखवाड़ा: अप्रैल 2026 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित — मस्तिष्क विकास के लिए शुरुआती उत्तेजना, स्क्रीन एक्सपोजर कम करने और आंगनवाड़ियों से जुड़ाव बढ़ाने पर केंद्रित।
🇮🇳 'विकसित भारत' से संबंध एक 'पारिस्थितिक' दृष्टिकोण बच्चों के साथ-साथ परिवारों को भी ऊपर उठाता है। वेल्लोर में, महिलाओं को 'चाइल्डकेयर वर्कर' के रूप में प्रशिक्षित किया गया, जिससे उन्हें गरिमा और आजीविका दोनों मिली — एक 'सद्गुण चक्र' (virtuous circle) बना। विकसित भारत के लिए प्रगति केवल कैलोरी पर नहीं टिक सकती; घरों और आंगनवाड़ियों में शारीरिक, अंतःक्रियात्मक और खेल वाला वातावरण भोजन जितना ही समृद्ध होना चाहिए।

📍 Prelims Pointers

ICDS (एकीकृत बाल विकास सेवाएं) ECCE आधारशिला नवचेतना पोषण भी पढ़ाई भी पोषण पखवाड़ा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

✏️ संभावित मुख्य परीक्षा प्रश्न (Mains)

  • "प्रारंभिक बचपन का विकास एक पारिस्थितिक प्रक्रिया है जहां पोषण और संज्ञानात्मक उत्तेजना दोनों अनिवार्य हैं।" इस कथन के आलोक में भारत की आंगनवाड़ी प्रणाली में आवश्यक सुधारों पर चर्चा कीजिए। (GS-2, 250 शब्द)
  • भारत में 'मानव पूंजी' के निर्माण में प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा (ECCE) की भूमिका का परीक्षण कीजिए। (GS-1/GS-2, 150 शब्द)

🎯 अभ्यास MCQ

'नवचेतना' (Navchetana) और 'आधारशिला' (Aadharshila) पहलों के संदर्भ में, ये किससे संबंधित हैं?

A) कृषि उत्पादकता बढ़ाना
B) प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा (ECCE)
C) ग्रामीण रोजगार गारंटी
D) डिजिटल साक्षरता मिशन
उत्तर: B — 'आधारशिला' आंगनवाड़ी में खेल-आधारित शिक्षा का ढांचा है, जबकि 'नवचेतना' शुरुआती उत्तेजना को घर तक ले जाने वाली पहल है। दोनों ECCE से संबंधित हैं।
Scroll to Top