वैश्विक आर्थिक और ऊर्जा तनाव के बीच यूरेशियाई नेताओं की बैठक
- 25वीं वर्षगांठ: किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया।
- संघर्ष का प्रभाव: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच पिछले छह महीने से जारी युद्ध ने होर्मुज जलडमरूमध्य के व्यापारिक मार्गों और ऊर्जा सुरक्षा को गंभीर रूप से बाधित किया है।
- बिश्केक घोषणापत्र: सम्मेलन ने ईरान पर हमलों की निंदा की और NPT के तहत ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के अधिकार का समर्थन किया।
- दिल्ली सम्मेलन का सेतु: यहां उपस्थित प्रमुख नेता (पुतिन, शी जिनपिंग, पेजेश्कियन) 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन में मिलेंगे, जिससे SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन और भारत की यूरेशियाई कूटनीति वैश्विक दक्षिण (Global South) की सहमति बनाने का केंद्र बन गई है।
आतंकवाद पर दोहरे मापदंडों का विरोध
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकी वित्तपोषण, भर्ती और सुरक्षित पनाहगाहों को नष्ट करने का आह्वान किया और पाकिस्तान का नाम लिए बिना स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद को राजकीय नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाए।
पाकिस्तान की बदलती कूटनीति
पाकिस्तान द्वारा SCO की घूर्णन अध्यक्षता संभालने के बीच, उसके सऊदी अरब और तुर्किए के साथ नए सुरक्षा समझौतों पर भारत को सतर्क और सक्रिय कूटनीतिक संतुलन साधने की आवश्यकता है।
1. कनेक्टिविटी विस्तार
अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) और चाबहार बंदरगाह के माध्यम से यूरेशियाई व्यापार को गति देना।
2. रणनीतिक खनिज सुरक्षा
उज्बेकिस्तान और कजाकिस्तान के साथ लिथियम, दुर्लभ पृथ्वी खनिजों और यूरेनियम की आपूर्ति सुनिश्चित करना।
3. RATS संरचना का आधुनिकीकरण
ताशकंद स्थित SCO आतंकवाद-विरोधी तंत्र को साइबर आतंकवाद और सीमा पार नेटवर्क से निपटने के लिए सुदृढ़ करना।
4. रणनीतिक स्वायत्तता
यूरेशियाई महाद्वीपीय मंचों (SCO/BRICS) और समुद्री गठबंधनों (Quad) के बीच व्यावहारिक संतुलन बनाए रखना।
महाद्वीपीय सुरक्षा और व्यापार हेतु SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन और भारत की यूरेशियाई कूटनीति अत्यधिक प्रभावी साबित होगी।
1. क्षेत्रीय आतंकवाद-विरोधी संरचना (RATS) SCO का एक स्थायी अंग है जिसका मुख्यालय ताशकंद, उज्बेकिस्तान में है।
2. ईरान और बेलारूस शंघाई सहयोग संगठन में शामिल होने वाले सबसे नवीनतम पूर्ण सदस्य देश हैं।
3. SCO शासनाध्यक्षों की परिषद के सभी निर्णय साधारण बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
कथन 3 गलत है क्योंकि SCO के सभी निर्णय सर्वसम्मति (Consensus) के आधार पर लिए जाते हैं, बहुमत से नहीं। कथन 1 (RATS ताशकंद) और कथन 2 (ईरान 2023, बेलारूस 2024) सही हैं।
1. अजरबैजान 2. आर्मेनिया 3. किर्गिस्तान 4. ताजिकिस्तान 5. उज्बेकिस्तान
उपर्युक्त में से कौन-से 'तुर्किक राज्यों के संगठन' (Organisation of Turkic States) के सदस्य हैं?
A) केवल 1, 2 और 4 B) केवल 1, 3 और 5 C) केवल 2, 3 और 5 D) 1, 2, 3, 4 और 5
सही उत्तर: B — केवल 1, 3 और 5
तुर्किक राज्यों के संगठन में अजरबैजान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तुर्की और उज्बेकिस्तान सदस्य हैं। आर्मेनिया और ताजिकिस्तान इसके सदस्य नहीं हैं।
UPSC CSE Mains 2021 — GS Paper II (वास्तविक PYQ)
Mains मॉडल उत्तर रूपरेखा (15 अंक | 250 शब्द)
मुख्य उत्तर बिंदु
- प्रस्तावना: 25वें SCO बिश्केक सम्मेलन की प्रासंगिकता और SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन और भारत की यूरेशियाई कूटनीति के संदर्भ को रेखांकित करना।
- रणनीतिक अवसर: मध्य एशियाई देशों से महत्वपूर्ण खनिज (लिथियम/यूरेनियम) प्राप्त करना, RATS के माध्यम से आतंकवाद-रोधी समन्वय और दिल्ली ब्रिक्स सम्मेलन के लिए सर्वसम्मति बनाना।
- चुनौतियां: पाकिस्तान की अध्यक्षता व नए त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौते, चीन का प्रभाव और पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच संतुलन।
- आगे का मार्ग: महाद्वीपीय यूरेशिया और समुद्री इंडो-पैसिफिक के बीच दोहरी कूटनीतिक रणनीति और INSTC कनेक्टिविटी में तेजी।