डॉ. एस. उन्नीकृष्णन नायर (पूर्व निदेशक, VSSC एवं HSFC) द्वारा आधिकारिक विश्लेषण
- पुनप्रवेश मंदी भौतिकी: पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाला कोई भी अंतरिक्ष यान अपनी अधिकांश गतिज ऊर्जा वायुमंडलीय खिंचाव (Atmospheric drag) के माध्यम से खो देता है। हालांकि, निचले वायुमंडल में जब गगनयान मॉड्यूल ~170 m/s की गति से उतरता है, तो सुरक्षित लैंडिंग (< 8.5 m/s) हेतु विशेष मंदी प्रणालियों की आवश्यकता होती है।
- बहु-स्तरीय वास्तुकला (Multi-Staging): गगनयान क्रू मॉड्यूल पैराशूट मंदी प्रणाली डीआरडीओ एडीआरडीई एवं वायुमंडलीय पुनप्रवेश इंजीनियरिंग के तहत, यदि उच्च वायुगतिकीय दबाव में एक साथ पूरा पैराशूट खोल दिया जाए, तो कपड़ा फट सकता है या अंतरिक्ष यात्रियों पर अत्यधिक जानलेवा G-बल पड़ सकता है। अतः मंदी भार को सहनीय रखने हेतु व्यास को क्रमिक रूप से बढ़ाया जाता है।
- तीन प्रकार के पैराशूट: इस प्रणाली में पायलट पैराशूट (बड़ी छतरियों को बाहर खींचने वाले मिनी-पैराशूट), ड्रॉग पैराशूट (वायुगतिकीय संतुलन व गति कम करने वाले शंक्वाकार पैराशूट), और मुख्य पैराशूट (अंतिम लैंडिंग हेतु बड़े वितान) शामिल हैं।
- वेक पेनेट्रेशन इजेक्शन: क्रू मॉड्यूल का कुंद शंक्वाकार आकार उसके पिछले हिस्से में एक अशांत वायु प्रवाह (Turbulent wake) बनाता है। मोर्टार-आधारित पायरोटेक्निक इजेक्शन इस अशांत प्रवाह को भेदकर स्वच्छ हवा में पैराशूट को खोलता है।
| एयरोस्पेस सामग्री / बहुलक | उपयोग का भाग | इंजीनियरिंग विशेषता एवं परिचालन कार्य |
|---|---|---|
| केवलर (Kevlar Aramid) | उच्च-भार सस्पेंशन डोरियां, राइजर और संरचनात्मक टेप। | गगनयान क्रू मॉड्यूल पैराशूट मंदी प्रणाली डीआरडीओ एडीआरडीई एवं वायुमंडलीय पुनप्रवेश इंजीनियरिंग में असाधारण तन्य शक्ति और झटके के दौरान न्यूनतम खिंचाव। |
| नोमेक्स (Nomex Meta-Aramid) | ऊष्मा-उजागर स्कर्ट क्षेत्र और मोर्टार डिस्चार्ज भाग। | गर्म मोर्टार गैस निर्वहन, वायु-तापीय घर्षण और अत्यधिक तापमान को सहन करने में सक्षम। |
| उच्च-तन्यता नायलॉन | पैराशूट वितान (Canopy broadcloth) और गोरे। | उच्च लोचदार लचीलापन मुद्रास्फीति के झटके को सोखता है; उच्च संपीड़्यता कम स्थान में सघन पैकिंग की अनुमति देती है। |
रेल ट्रैक रॉकेट स्लेड (RTRS)
चंडीगढ़ स्थित TBRL प्रयोगशाला में सुपरसोनिक गतिकीय दबावों पर पैराशूट निष्कासन और वितान विस्तार का कठोर परीक्षण गगनयान क्रू मॉड्यूल पैराशूट मंदी प्रणाली डीआरडीओ एडीआरडीई एवं वायुमंडलीय पुनप्रवेश इंजीनियरिंग के तहत संपन्न हुआ।
3 में से 2 पैराशूट बैकअप सुरक्षा
ADRDE आगरा (DRDO) द्वारा निर्मित 3 मुख्य पैराशूटों में से यदि एक विफल भी हो जाए, तो शेष 2 पैराशूट अंतरिक्ष यात्रियों की समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करते हैं।
समुद्र में उतरने के बाद मॉड्यूल के पलटने या हवा से घिसटने से बचाने के लिए पायरो कटर तुरंत पैराशूट रस्सियों को काट देते हैं, जो गगनयान क्रू मॉड्यूल पैराशूट मंदी प्रणाली डीआरडीओ एडीआरडीई एवं वायुमंडलीय पुनप्रवेश इंजीनियरिंग की पूर्णता को दर्शाता है।
1. आगरा स्थित डीआरडीओ की प्रमुख प्रयोगशाला, एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADRDE), पैराशूट मंदी प्रणाली की मुख्य विकासकर्ता है।
2. वायुमंडलीय अवरोहण के दौरान क्रू मॉड्यूल को संतुलित करने और गति कम करने हेतु मुख्य पैराशूट से पहले ड्रॉग (Drogue) पैराशूट तैनात किए जाते हैं।
3. गगनयान में उच्च लोचशीलता हेतु नोमेक्स का उपयोग मुख्य वितान कपड़े के रूप में किया जाता है, जबकि नायलॉन का उपयोग केवल मोर्टार गैस शील्ड हेतु होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
कथन 3 गलत है क्योंकि झटके सोखने वाली उच्च लोचशीलता के कारण नायलॉन का उपयोग मुख्य वितान कपड़े में किया जाता है, जबकि नोमेक्स अग्निरोधी है और इसका उपयोग गर्म मोर्टार गैस निकास क्षेत्रों में किया जाता है। कथन 1 और 2 सही हैं।
1. गगनयान भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है जिसका उद्देश्य निम्न भू-कक्षा (LEO) में मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करना है।
2. इसरो के तहत मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (HSFC) गगनयान परियोजना के क्रियान्वयन हेतु जिम्मेदार है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं। गगनयान परियोजना इसरो के बेंगलुरु स्थित HSFC द्वारा संचालित की जा रही है।
UPSC CSE Mains 2022 — GS Paper III (आधिकारिक प्रश्न)
मुख्य परीक्षा मॉडल ब्लूप्रिंट (15 अंक | 250 शब्द)
मुख्य उत्तर संरचना (Answer Framework)
- प्रस्तावना: वायुमंडलीय पुनप्रवेश गतिकी को परिभाषित करें और गगनयान क्रू मॉड्यूल पैराशूट मंदी प्रणाली डीआरडीओ एडीआरडीई एवं वायुमंडलीय पुनप्रवेश इंजीनियरिंग के उद्देश्यों को रेखांकित करें।
- वायुगतिकीय एवं तापीय चुनौतियां: अत्यधिक घर्षण ऊष्मा, प्लाज्मा शील्डिंग, और मॉड्यूल के कुंद आकार से उत्पन्न अशांत वायु प्रवाह (Wake) को भेदना।
- बहु-स्तरीय पैराशूट अनुक्रम: पायलट, ड्रॉग और 3 मुख्य पैराशूटों की क्रमिक तैनाती द्वारा G-बलों का शमन।
- उन्नत सामग्रियां एवं परीक्षण: केवलर, नोमेक्स और नायलॉन का अनुप्रयोग तथा RTRS और एकीकृत एयर ड्रॉप सोपानों की भूमिका।