The Hindu Editorial Today 08 October 2026 in Hindi | UPSC संपादकीय विश्लेषण
दैनिक UPSC सिविल सेवा संपादकीय विश्लेषण • GS प्रश्नपत्र II एवं III व्यापक पुनरीक्षण
📅 08 अक्टूबर 2026 • दैनिक समसामयिकी
The Hindu Editorial Today 08 October 2026 in Hindi
आज के संपादकीय विश्लेषण में तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं वैश्विक मुद्दों का गहन अध्ययन शामिल है: अंटार्कटिका में आइसक्यूब वेधशाला के लिए फ्रांसिस हाल्जेन को दिए गए 2026 भौतिकी नोबेल पुरस्कार के संदर्भ में 'महा-विज्ञान' (Big Science) और व्यक्तिगत श्रेय की विसंगतियां; WHO के वैश्विक महामारी समझौते में रोगाणु पहुंच और लाभ-साझाकरण (PABS) तथा 'One Health' पर भारत व विकासशील देशों का दृष्टिकोण; एवं अमेरिकी व्यापार अधिशेष व चीनी व्यापार घाटे के बीच भारत की विदेश व्यापार नीति की संरचनात्मक चुनौतियां।
GS प्रश्नपत्र IIIविज्ञान एवं प्रौद्योगिकीन्यूट्रिनो खगोल विज्ञानमहा-विज्ञान अनुसंधान नैतिकता
बर्फ पर दृष्टि: भौतिकी नोबेल, न्यूट्रिनो खगोल विज्ञान और महा-विज्ञान परियोजनाओं में सामूहिक मान्यता की दुविधा
प्रारंभिक परीक्षा: न्यूट्रिनो, चेरेनकोव विकिरण, आइसक्यूबमुख्य परीक्षा: महा-विज्ञान शासन प्रणाली व नोबेल सुधारराज्य PSCs: नोबेल पुरस्कार 2026
2026 नोबेल विजेता
फ्रांसिस हाल्जेन (Francis Halzen)
खगोलीय कण
अति-उच्च ऊर्जा कॉस्मिक न्यूट्रिनो
सहयोग का पैमाना
400+ वैज्ञानिक, 58 अंतरराष्ट्रीय संस्थान
1 संपादकीय संदर्भ एवं पृष्ठभूमि
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने अंटार्कटिका के दक्षिणी ध्रुव पर स्थित आइसक्यूब न्यूट्रिनो वेधशाला (IceCube Neutrino Observatory) की संकल्पना और निर्माण के लिए बेल्जियन-अमेरिकी सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी फ्रांसिस हाल्जेन को वर्ष 2026 के भौतिकी नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया है। आइसक्यूब ने ब्लेज़र (Blazars) और सक्रिय गांगेय नाभिकों (AGN) जैसी हिंसक ब्रह्मांडीय घटनाओं से निकलने वाले अति-उच्च ऊर्जा न्यूट्रिनो का पता लगाकर 'न्यूट्रिनो खगोल विज्ञान' के एक नए युग का सूत्रपात किया है।
यह पुरस्कार ब्रह्मांडीय रहस्यों को सुलझाने में IceCube Neutrino Observatory Physics Nobel Prize Francis Halzen and Mega Science Collaborations in Hindi की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है। हालांकि, इसने नोबेल फाउंडेशन के 1968 के उस पुराने 'अधिकतम तीन व्यक्तियों के नियम' (Rule of Three) पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है, जो 19वीं सदी के 'महान व्यक्ति सिद्धांत' (Great Man Theory) को बढ़ावा देता है और आधुनिक बहु-दशकीय महा-विज्ञान परियोजनाओं में सैकड़ों वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीशियनों के सामूहिक योगदान को नजरअंदाज करता है।
2 वैज्ञानिक महत्व एवं संरचनात्मक प्रणालीगत विसंगतियां
न्यूट्रिनो के भौतिक गुण और आइसक्यूब की कार्यप्रणाली: न्यूट्रिनो विद्युत रूप से तटस्थ, अत्यंत सूक्ष्म द्रव्यमान वाले मूलभूत उप-परमाण्विक लेप्टन हैं। वे केवल दुर्बल परमाणु बल और गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से अंतःक्रिया करते हैं, जिससे वे सामान्य पदार्थ से बिना टकराए आर-पार निकल जाते हैं। जब ये अंटार्कटिका की शुद्ध बर्फ में किसी परमाणु नाभिक से टकराते हैं, तो उत्पन्न द्वितीयक कण प्रकाश की स्थानीय गति से तेज चलते हैं, जिससे नीला 'चेरेनकोव विकिरण' (Cherenkov Radiation) उत्पन्न होता है। इसे बर्फ में 1.5 से 2.5 किमी गहराई में लगे 5,160 डिजिटल ऑप्टिकल मॉड्यूल (DOMs) द्वारा दर्ज किया जाता है।
नोबेल फाउंडेशन का पुराना प्रतिबंध: 21वीं सदी के विज्ञान में LIGO (गुरुत्वाकर्षण तरंगें - 2017), CERN LHC (हिग्स बोसॉन - 2013) और आइसक्यूब जैसी परियोजनाएं किसी एक व्यक्ति की देन नहीं हैं, बल्कि वैश्विक सहयोग का परिणाम हैं। 1968 का नियम केवल 3 व्यक्तियों को ही नोबेल देने की अनुमति देता है, जो महा-विज्ञान की प्रकृति के प्रतिकूल है।
मैथ्यू प्रभाव (Matthew Effect) और युवा शोधकर्ता: केवल प्रमुख जांचकर्ताओं (PIs) को IceCube Neutrino Observatory Physics Nobel Prize Francis Halzen and Mega Science Collaborations in Hindi का श्रेय मिलने से 'मैथ्यू प्रभाव' (प्रसिद्ध वैज्ञानिकों को ही और अधिक ख्याति मिलना) को बढ़ावा मिलता है। इससे जटिल एल्गोरिदम लिखने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, ड्रिलिंग तकनीशियनों और पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ताओं का श्रम अदृश्य हो जाता है।
नोबेल शांति पुरस्कार का उदाहरण: नॉर्वेजियन नोबेल समिति वैज्ञानिक समितियों के विपरीत पूरे संगठनों और आंदोलनों (जैसे IPCC, IAEA, OPCW, ICAN) को शांति पुरस्कार देती रही है। विज्ञान के क्षेत्र में भी ऐसी संस्थागत मान्यता तुरंत लागू की जानी चाहिए।
3 तुलनात्मक विश्लेषण तालिका: प्रमुख महा-विज्ञान वेधशालाएं एवं मान्यता मॉडल
महा-विज्ञान परियोजना
लक्षित परिघटना
डिटेक्टर माध्यम व तकनीक
सहयोग का आकार
नोबेल पुरस्कार मान्यता मॉडल
आइसक्यूब (दक्षिणी ध्रुव)
अति-उच्च ऊर्जा कॉस्मिक न्यूट्रिनो
1 घन किमी अंटार्कटिक बर्फ + DOM सेंसर्स
400+ वैज्ञानिक (58 संस्थान)
केवल फ्रांसिस हाल्जेन को व्यक्तिगत पुरस्कार (2026)
LIGO (अमेरिका)
गुरुत्वाकर्षण तरंगें (ब्लैक होल विलय)
4 किमी लेजर इंटरफेरोमीटर भुजाएं
1,200+ शोधकर्ता (LSC)
वाइस, थोर्न और बारिश को साझा रूप से (2017)
CERN LHC (जिनेवा)
हिग्स बोसॉन व मूलभूत कण
27 किमी सुपरकंडक्टिंग प्रोटॉन कोलाइडर
6,000+ शोधकर्ता (ATLAS/CMS)
पीटर हिग्स व एंगलर्ट (सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी, 2013)
भारतीय न्यूट्रिनो वेधशाला (INO)
वायुमंडलीय न्यूट्रिनो का द्रव्यमान पदानुक्रम
आयरन कैलोरीमीटर (ICAL - भूमिगत गुफा)
100+ भारतीय वैज्ञानिक
बहु-संस्थागत राष्ट्रीय कंसोर्टियम (स्वीकृति प्रतीक्षित)
4 समाधान एवं नीतिगत रूपरेखा: वैज्ञानिक मान्यता का 21वीं सदी का मॉडल
स्तंभ 01
नोबेल उपनियमों में संशोधन
नोबेल फाउंडेशन को 1968 के नियमों में संशोधन कर विज्ञान के तीनों क्षेत्रों में व्यक्तिगत अग्रदूतों के साथ-साथ संपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान कंसोर्टियम को भी संयुक्त रूप से नोबेल देने की अनुमति देनी चाहिए।
स्तंभ 02
CRediT वर्गीकरण प्रणाली
अकादमिक पत्रिकाओं और फंडिंग एजेंसियों को 'कंट्रीब्यूटर रोल्स टैक्सोनॉमी' (CRediT) को अनिवार्य बनाना चाहिए ताकि हार्डवेयर निर्माण, सॉफ्टवेयर कोडिंग, डेटा विश्लेषण और फील्डवर्क का अलग-अलग श्रेय दर्ज हो सके।
स्तंभ 03
भारतीय कंसोर्टियम ढांचा
भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) को SKA और TMT जैसे वैश्विक मेगा-प्रोजेक्ट्स में शामिल युवा भारतीय वैज्ञानिकों के बौद्धिक अधिकारों की सुरक्षा हेतु स्पष्ट दिशानिर्देश तय करने चाहिए।
UPSC / State PSCs प्रारंभिक परीक्षा अभ्यासभौतिकी एवं खगोल विज्ञान
न्यूट्रिनो और आइसक्यूब न्यूट्रिनो वेधशाला के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. न्यूट्रिनो विद्युत रूप से उदासीन होते हैं और पदार्थ के साथ केवल दुर्बल उप-परमाण्विक बल और गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से क्रिया करते हैं।
2. आइसक्यूब वेधशाला उच्च-आवृत्ति रेडियो डिश एंटेना का उपयोग करके ऊपरी वायुमंडल में सीधे न्यूट्रिनो का पता लगाती है।
3. चेरेनकोव विकिरण तब उत्पन्न होता है जब कोई आवेशित कण किसी माध्यम में प्रकाश के स्थानीय वेग से अधिक गति से यात्रा करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A) केवल 1 और 2
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: B) केवल 1 और 3 विस्तृत व्याख्या: • कथन 1 सही है: न्यूट्रिनो लेप्टन परिवार के मौलिक कण हैं। विद्युत आवेश न होने के कारण वे विद्युत-चुंबकीय बलों से अप्रभावित रहते हैं और ब्रह्मांड में बिना रुके यात्रा करते हैं।
• कथन 2 गलत है: आइसक्यूब वायुमंडलीय रेडियो एंटेना का उपयोग नहीं करता; यह अंटार्कटिक बर्फ में 1.5 से 2.5 किमी नीचे स्थापित 5,160 डिजिटल ऑप्टिकल मॉड्यूल (DOMs) की सहायता से बर्फ में न्यूट्रिनो टकराव से उत्पन्न चेरेनकोव नीले प्रकाश को मापता है।
• कथन 3 सही है: जब कोई कण किसी पारदर्शी माध्यम (बर्फ/पानी) में उस माध्यम में प्रकाश की चाल से भी तेज गति करता है, तो प्रकाशीय शॉक-वेव के रूप में चेरेनकोव विकिरण उत्सर्जित होता है।
प्रामाणिक UPSC Prelims PYQ (2019 थीम)
"वैज्ञानिक अनुसंधान के संदर्भ में, निम्नलिखित पर विचार कीजिए:
1. लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC)
2. लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑब्जर्वेटरी (LIGO)
3. आइसक्यूब न्यूट्रिनो वेधशाला
उपर्युक्त में से कौन-से ब्रह्मांड की उत्पत्ति और मौलिक भौतिक परिघटनाओं का अध्ययन करने वाले अंतरराष्ट्रीय महा-विज्ञान प्रयोग हैं?"
उत्तर: 1, 2 और 3 सभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्तपोषित महा-विज्ञान प्रयोग हैं जो मूलभूत कणों और खगोलीय परिघटनाओं का परीक्षण करते हैं।
UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS प्रश्नपत्र III - 250 शब्द, 15 अंक):
"आधुनिक वैज्ञानिक सफलताएं व्यक्तिगत प्रतिभा के बजाय बहु-संस्थागत और पूंजी-गहन 'महा-विज्ञान' सहयोगों पर अधिकाधिक निर्भर हैं। इस आलोक में, परीक्षण कीजिए कि IceCube Neutrino Observatory Physics Nobel Prize Francis Halzen and Mega Science Collaborations in Hindi किस प्रकार व्यक्तिगत मान्यता और सामूहिक वैज्ञानिक प्रयास के मध्य तनाव को दर्शाता है? वैश्विक वैज्ञानिक पुरस्कारों में किन संस्थागत सुधारों की आवश्यकता है?"
1. प्रस्तावना (30–40 शब्द): व्यक्तिगत प्रयोगशालाओं से आधुनिक 'महा-विज्ञान' (Big Science) कंसोर्टियम (LIGO, CERN, IceCube) के ऐतिहासिक बदलाव को स्पष्ट करें तथा 2026 के भौतिकी नोबेल पुरस्कार का संदर्भ दें।
2. मुख्य भाग 1 - वैज्ञानिक उपलब्धि बनाम पुरातन मान्यता नियम (80–90 शब्द): 58 संस्थानों के 400+ वैज्ञानिकों के योगदान से आइसक्यूब की न्यूट्रिनो खगोल विज्ञान में सफलता का उल्लेख करें। नोबेल के 'अधिकतम 3 व्यक्तियों के नियम' की सीमाओं का विश्लेषण करें कि कैसे यह सॉफ्टवेयर, इंजीनियरिंग और डेटा विश्लेषकों के योगदान को नजरअंदाज करता है।
3. मुख्य भाग 2 - प्रणालीगत प्रभाव व आवश्यक सुधार (70–80 शब्द): युवा वैज्ञानिकों पर पड़ने वाले मैथ्यू प्रभाव की व्याख्या करें। नोबेल शांति पुरस्कार की तर्ज पर संगठनों को पुरस्कार देने, CRediT फ्रेमवर्क अपनाने और पारदर्शी श्रेय साझाकरण तंत्र लागू करने का सुझाव दें।
4. निष्कर्ष (30–40 शब्द): 21वीं सदी का विज्ञान एक समतावादी सामूहिक प्रयास है; वैश्विक मान्यता प्रणालियों को 19वीं सदी की संकीर्ण मानसिकता से बाहर निकलकर मानव जाति के सामूहिक विवेक का सम्मान करना चाहिए।
GS प्रश्नपत्र II एवं IIIवैश्विक स्वास्थ्य शासनWHO महामारी समझौताTRIPS एवं लोक स्वास्थ्य
वैश्विक महामारी समझौते में भारत के हित: PABS प्रणाली, 'One Health' और ग्लोबल साउथ की स्वास्थ्य संप्रभुता
प्रारंभिक परीक्षा: WHO INB, PABS अनुच्छेद 12, नागोया प्रोटोकॉलमुख्य परीक्षा: वैश्विक स्वास्थ्य वास्तुकला एवं TRIPS छूटराज्य PSCs: अंतरराष्ट्रीय संधियां
वार्ता निकाय
WHO अंतर-सरकारी वार्ता निकाय (INB)
PABS उत्पादन कोटा
20% वास्तविक समय (10% मुफ्त + 10% किफायती)
प्रमुख गतिरोध
रोगाणु साझाकरण बनाम बौद्धिक संपदा छूट
1 संपादकीय संदर्भ एवं पृष्ठभूमि
कोविड-19 महामारी के दौरान अमीर देशों द्वारा जीवनरक्षक टीकों की जमाखोरी के कारण विकासशील देशों को भीषण 'वैक्सीन रंगभेद' (Vaccine Apartheid) का सामना करना पड़ा। इस ऐतिहासिक अन्याय को दोहराने से रोकने के लिए, विश्व स्वास्थ्य सभा (WHA) ने एक कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय महामारी समझौते का मसौदा तैयार करने हेतु अंतर-सरकारी वार्ता निकाय (INB) की स्थापना की।
संयुक्त राष्ट्र उच्च-स्तरीय बैठक के पूर्व WHO Pandemic Agreement Pathogen Access Benefit Sharing PABS and Global Health Governance in Hindi की रूपरेखा वार्ता का केंद्रीय बिंदु बन गई है। भारत, अफ्रीकी समूह और ग्रुप ऑफ इक्विटी के नेतृत्व में विकासशील देश यह सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं कि जैविक नमूनों और जीनोमिक डेटा साझा करने की बाध्यता को जीवनरक्षक दवाओं, टीकों और पेटेंट-मुक्त प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की कानूनी गारंटी से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए।
2 रणनीतिक गतिरोध एवं संस्थागत चुनौतियां
PABS प्रणाली की व्यवस्था (अनुच्छेद 12): पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट-शेयरिंग (PABS) प्रणाली के अंतर्गत सदस्य देशों को रोगाणुओं के जैविक नमूने और जेनेटिक सीक्वेंस डेटा (GSD) WHO के साझा प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना होगा। इसके बदले, इन डेटा का उपयोग करने वाली दवा कंपनियों को अपने आपातकालीन उत्पादन का 20% (10% मुफ्त दान और 10% लागत मूल्य पर) विकासशील देशों के लिए WHO को सौंपना अनिवार्य होगा।
बौद्धिक संपदा (IPR) और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (अनुच्छेद 11): पश्चिमी देश (अमेरिका, यूरोपीय संघ, स्विट्जरलैंड) अपनी बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों के पेटेंट एकाधिकार की रक्षा हेतु केवल स्वैच्छिक लाइसेंसिंग की वकालत कर रहे हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका का स्पष्ट रुख है कि कोविड संकट में स्वैच्छिक मॉडल पूरी तरह विफल रहा; अतः अनिवार्य लाइसेंसिंग (Compulsory Licensing) और mRNA तकनीक का अनिवार्य हस्तांतरण समझौते में शामिल होना चाहिए।
'One Health' का नियामक बोझ: समझौते में मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य की एकीकृत निगरानी का 'One Health' मॉडल शामिल है। भारत और कृषि-प्रधान देशों की चिंता है कि वित्तीय व तकनीकी सहायता के बिना यह तंत्र विकासशील देशों के पशुधन, डेयरी और कृषि निर्यात पर गैर-टैरिफ व्यापार बाधाएं उत्पन्न कर सकता है।
भारत की दोहरी भूमिका: 'विश्व की फार्मेसी' और सबसे बड़े टीका निर्माता के रूप में भारत को अपने घरेलू जेनेरिक दवा उद्योग और पेटेंट स्वायत्तता की रक्षा करते हुए ग्लोबल साउथ के लिए किफायती स्वास्थ्य सेवाओं की वकालत करनी है।
बिना किसी बाध्यकारी लाभ-साझाकरण के डेटा तक त्वरित, खुली पहुंच।
जैविक संप्रभुता; डेटा साझाकरण केवल सुनिश्चित लाभ-साझाकरण से जुड़ा होना चाहिए।
आपातकालीन सार्वजनिक आवंटन के लिए न्यूनतम 20% कोटे के साथ PABS प्रणाली।
बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR)
पेटेंट एकाधिकार की सुरक्षा; केवल स्वैच्छिक व बाजार-संचालित लाइसेंस।
समयबद्ध TRIPS छूट, अनिवार्य लाइसेंसिंग और जैव-प्रौद्योगिकी का सीधा हस्तांतरण।
दोहा घोषणा की TRIPS छूटों की पुष्टि और स्वैच्छिक पूल को प्रोत्साहन।
वित्तीय तंत्र
विद्यमान फंडों (महामारी फंड, विश्व बैंक) के जरिए स्वैच्छिक योगदान।
स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के निर्माण हेतु कानूनी रूप से बाध्यकारी बहुपक्षीय फंड।
उच्च-आय वाले देशों के अंशदान पर आधारित समन्वित वित्तीय व्यवस्था।
One Health दृष्टिकोण
पशु फार्मों और पर्यावरण पर सख्त अनुपालन व कठोर निगरानी मानक।
विभेदित उत्तरदायित्व; प्रयोगशालाओं हेतु वित्तीय सहायता; कोई व्यापारिक बाधा नहीं।
विकासशील देशों के लिए तकनीकी सहायता के साथ जोखिम-आधारित निगरानी।
4 समाधान एवं नीतिगत रूपरेखा: न्यायसंगत वैश्विक स्वास्थ्य शासन
रणनीति 01
बाध्यकारी PABS अनुबंध
WHO Pandemic Agreement Pathogen Access Benefit Sharing PABS and Global Health Governance in Hindi के अंतर्गत मानक सामग्री हस्तांतरण समझौते (SMTA) लागू किए जाएं ताकि दवा कंपनियां सार्वजनिक डेटा का एकतरफा दोहन न कर सकें।
रणनीति 02
क्षेत्रीय बायो-विनिर्माण केंद्र
पश्चिमी एकाधिकार को समाप्त करने के लिए भारत, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में WHO समर्थित mRNA और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी विनिर्माण केंद्रों का विस्तार किया जाए।
रणनीति 03
ग्लोबल साउथ स्वास्थ्य कूटनीति
'वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ' और ब्रिक्स+ मंचों का उपयोग करके विकासशील देशों का एकजुट मोर्चा बनाया जाए जो स्वास्थ्य आपातकाल में TRIPS छूटों के कमजोर पड़ने का विरोध करे।
UPSC / State PSCs प्रारंभिक परीक्षा अभ्यासअंतरराष्ट्रीय संगठन व संधियां
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य कानून और WHO महामारी समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. PABS प्रणाली रोगाणु डेटा साझा करने और विकासशील देशों को स्वास्थ्य उत्पादों की समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित एक तंत्र है।
2. जैव विविधता पर नागोया प्रोटोकॉल महामारी के दौरान मानव रोगाणुओं पर लागू होने से स्पष्ट रूप से छूट देता है।
3. अंतर-सरकारी वार्ता निकाय (INB) की स्थापना विश्व व्यापार संगठन (WTO) द्वारा TRIPS छूटों की निगरानी हेतु की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 1 और 2
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: A) केवल 1 विस्तृत व्याख्या: • कथन 1 सही है: PABS तंत्र प्रस्तावित संधि का मुख्य आधार है जो जीनोमिक डेटा साझा करने के बदले टीकों व दवाओं के 20% उत्पादन तक पहुंच की गारंटी देता है।
• कथन 2 गलत है: नागोया प्रोटोकॉल स्पष्ट रूप से मानव रोगाणुओं को बाहर नहीं करता है, इसलिए कई विकासशील देश अपनी संप्रभुता के आधार पर द्विपक्षीय शर्तें तय करते हैं।
• कथन 3 गलत है: INB की स्थापना विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की विश्व स्वास्थ्य सभा (WHA) द्वारा की गई है, न कि WTO द्वारा।
प्रामाणिक UPSC Prelims PYQ (2022 थीम)
"विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (IHR, 2005) सभी WHO सदस्य देशों के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी हैं।
2. विश्व स्वास्थ्य सभा (WHA) WHO का सर्वोच्च नीति-निर्धारक निकाय है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?"
उत्तर: 1 और 2 दोनों सही हैं। IHR (2005) अनुच्छेद 21 के तहत बाध्यकारी है और WHA इसका सर्वोच्च शासी अंग है।
UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS प्रश्नपत्र II - 250 शब्द, 15 अंक):
"कोविड-19 महामारी ने वैश्विक लोक स्वास्थ्य वास्तुकला की संरचनात्मक विषमताओं को उजागर किया है। इस संदर्भ में, मूल्यांकन कीजिए कि WHO Pandemic Agreement Pathogen Access Benefit Sharing PABS and Global Health Governance in Hindi किस प्रकार विकसित और विकासशील देशों के मतभेदों को संबोधित करता है? स्वास्थ्य समानता को सुरक्षित करने में भारत की क्या भूमिका हो सकती है?"
1. प्रस्तावना (30–40 शब्द): कोविड-19 के दौरान वैक्सीन राष्ट्रवाद और विषमता का उल्लेख करते हुए WHO INB के तहत महामारी समझौते की वार्ता की पृष्ठभूमि बताएं।
2. मुख्य भाग 1 - PABS प्रणाली और प्रमुख गतिरोध (80–90 शब्द): अनुच्छेद 12 के तहत PABS तंत्र को समझाएं। ग्लोबल नॉर्थ के खुले डेटा मॉडल बनाम ग्लोबल साउथ के 20% कोटा, अनिवार्य लाइसेंसिंग और 'One Health' के वित्तीय बोझ से जुड़ी चिंताओं की तुलना करें।
3. मुख्य भाग 2 - भारत का नेतृत्व और रणनीतिक कूटनीति (70–80 शब्द): 'विश्व की फार्मेसी' के रूप में भारत की भूमिका का विश्लेषण करें। जेनेरिक दवाओं के उत्पादन, क्षेत्रीय वैक्सीन हब और दोहा TRIPS छूटों के संरक्षण में भारत के योगदान को रेखांकित करें।
4. निष्कर्ष (30–40 शब्द): महामारी सुरक्षा के लिए टीकों को 'वैश्विक सार्वजनिक वस्तु' (Global Public Good) माना जाना चाहिए; न्यायसंगत लाभ-साझाकरण के बिना विश्व अगली महामारी से निपटने में असमर्थ रहेगा।
GS प्रश्नपत्र IIIभारतीय अर्थव्यवस्थावैदेशिक क्षेत्र एवं व्यापारभू-आर्थिक विदेश व्यापार नीति
मध्य में फंसा भारत का व्यापार: अमेरिकी अधिशेष, चीनी घाटा, टैरिफ खतरे और ग्लोबल साउथ निर्यात विविधीकरण
प्रारंभिक परीक्षा: व्यापार घाटा, चालू खाता घाटा (CAD), विदेशी मुद्रा भंडारमुख्य परीक्षा: विदेश व्यापार नीति एवं भू-आर्थिक लचीलापनराज्य PSCs: भारत का भुगतान संतुलन (BoP)
चीन के साथ व्यापार घाटा
$112 बिलियन (FY26)
अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष
+$33.8 बिलियन (FY26)
अमेरिकी टैरिफ का खतरा
10% - 20% पारस्परिक टैरिफ
1 संपादकीय संदर्भ एवं पृष्ठभूमि
भारत की बाह्य व्यापक आर्थिक स्थिरता वर्तमान में एक नाजुक संरचनात्मक त्रिकोण पर टिकी है। एक तरफ, भारत आवश्यक मध्यवर्ती वस्तुओं, एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs), सौर सेल और इलेक्ट्रॉनिक घटकों के लिए चीन पर अत्यधिक निर्भर है, जिसके चलते चीन के साथ उसका द्विपक्षीय वस्तु व्यापार घाटा $112 बिलियन तक पहुंच गया है। दूसरी तरफ, भारत इस विदेशी मुद्रा बहिर्वाह की भरपाई अमेरिका के साथ अपने $33.8 बिलियन के वस्तु व सेवा व्यापार अधिशेष से करता है।
यह व्यापार संतुलन अब गंभीर भू-आर्थिक और तकनीकी खतरों के घेरे में है। India US Trade Surplus China Deficit US Tariffs and Global South Diversification in Hindi की वास्तविकता यह दर्शाती है कि प्रस्तावित अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ, आईटी निर्यात पर जेनरेटिव एआई का प्रभाव और पश्चिम एशिया तनाव के कारण कच्चे तेल व होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न व्यवधान भारत के बाह्य क्षेत्र को गंभीर जोखिम में डाल रहे हैं।
2 संरचनात्मक कमजोरियां एवं आर्थिक प्रभाव
चीन का इनपुट ट्रैप (China Input Trap): उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) और 'मेक इन इंडिया' के बावजूद भारतीय विनिर्माण क्षेत्र चीनी आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भर है। भारत 70% से अधिक APIs, 80% सौर मॉड्यूल और 60% से अधिक इलेक्ट्रॉनिक चिप्स चीन से आयात करता है, जिससे तत्काल आर्थिक अलगाव (Decoupling) अत्यंत कठिन है।
अमेरिकी संरक्षणवादी टैरिफ का झटका: अमेरिका द्वारा सभी विदेशी आयातों पर 10% से 20% पारस्परिक टैरिफ लगाने के प्रस्ताव से भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्र (हीरे-जवाहरात, फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा और ऑटो पार्ट्स) सीधे प्रभावित होंगे। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एकल निर्यात गंतव्य है, अतः टैरिफ वृद्धि से भारत का व्यापार अधिशेष सिकुड़ सकता है।
आईटी सेवा अधिशेष पर AI का खतरा: भारत का चालू खाता घाटा (CAD) पारंपरिक रूप से $160+ बिलियन के शुद्ध सेवा निर्यात (आईटी/आईटीईएस) द्वारा संतुलित रहता है। जेनरेटिव एआई द्वारा सॉफ्टवेयर कोडिंग और बैक-ऑफिस कार्यों का स्वचालन होने से दीर्घकालिक डॉलर आवक के धीमे होने का जोखिम है।
कच्चा तेल और होर्मुज जलडमरूमध्य का जोखिम: भारत अपनी कच्चे तेल की 85% से अधिक आवश्यकताएं आयात करता है। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष से होर्मुज और लाल सागर में शिपिंग भाड़े और बीमा लागत में वृद्धि भारत के आयात बिल को बढ़ा रही है।
3 तुलनात्मक विश्लेषण तालिका: द्विपक्षीय व्यापार बनाम विविधीकरण रणनीतियां
व्यापार गलियारा
व्यापार संतुलन स्थिति
प्रमुख व्यापारिक वस्तुएं
रणनीतिक जोखिम
नीतिगत समाधान
भारत – संयुक्त राज्य अमेरिका
भारी अधिशेष (+$33.8B)
आईटी सेवाएं, फार्मा, हीरे, वस्त्र
अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ, वीजा प्रतिबंध, एआई स्वचालन
द्विपक्षीय व्यापार संधि वार्ता, उच्च-मूल्य विनिर्माण
जेनेरिक दवाएं, कृषि उत्पाद, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग
लॉजिस्टिक्स लागत, स्थानीय मुद्रा निपटान का अभाव
रुपया-वोस्ट्रो खाते (SRVA), व्यापक मुक्त व्यापार समझौते
भारत – खाड़ी देश (GCC)
ऊर्जा घाटा / प्रेषण अधिशेष
कच्चा तेल, एलएनजी, रेमिटेंस, आभूषण
क्षेत्रीय युद्ध, शिपिंग रुकावटें (होर्मुज जलडमरूमध्य)
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC), CEPA
4 समाधान एवं नीतिगत रूपरेखा: बाह्य क्षेत्र के लचीलेपन का निर्माण
कदम 01
ग्लोबल साउथ बाजार विस्तार
India US Trade Surplus China Deficit US Tariffs and Global South Diversification in Hindi के तहत मर्कोसुर (MERCOSUR), अफ्रीकी मुक्त व्यापार क्षेत्र (AfCFTA) और आसियान देशों के साथ सीधे FTA और बाजार पहुंच समझौते किए जाएं।
कदम 02
घटक-स्तरीय मूल्यवर्धन
PLI योजनाओं को अंतिम असेंबली से आगे बढ़ाकर कोर कंपोनेंट फैब्रिकेशन, बेसिक केमिकल्स और कैपिटल गुड्स की ओर मोड़ना ताकि चीन से कच्चे माल के आयात पर निर्भरता घटे।
कदम 03
रुपये का अंतरराष्ट्रीयकरण
विशेष रुपया वोस्ट्रो खातों (SRVA) और द्विपक्षीय मुद्रा विनिमय व्यवस्था को तेज करना ताकि डॉलर के उतार-चढ़ाव से विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखा जा सके।
UPSC / State PSCs प्रारंभिक परीक्षा अभ्यासभारतीय अर्थव्यवस्था एवं विदेश व्यापार
निम्नलिखित में से कौन-से उपाय भारत के चालू खाता घाटे (CAD) को कम करने में प्रत्यक्ष रूप से योगदान देंगे?
1. सॉफ्टवेयर और आईटी सेवा निर्यात आय में वृद्धि।
2. वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और समुद्री माल भाड़े में वृद्धि।
3. आयात को प्रतिस्थापित करते हुए एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs) का घरेलू उत्पादन बढ़ाना।
4. उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत भारतीय निवासियों द्वारा विदेश भेजे जाने वाले धन में वृद्धि।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
A) केवल 1 और 3
B) केवल 2 और 4
C) केवल 1, 3 और 4
D) 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A) केवल 1 और 3 विस्तृत व्याख्या: • कथन 1 CAD कम करता है: सेवा निर्यात आय अदृश्य प्राप्तियों (Invisibles) का हिस्सा है, जो चालू खाते के घाटे को घटाती है।
• कथन 2 CAD बढ़ाता है: तेल की कीमतें और माल भाड़ा बढ़ने से आयात खर्च बढ़ता है और CAD बढ़ जाता है।
• कथन 3 CAD कम करता है: APIs का घरेलू निर्माण आयात बिल को घटाता है जिससे व्यापार घाटा कम होता है।
• कथन 4 CAD बढ़ाता है: विदेश धन भेजने से विदेशी मुद्रा का बहिर्वाह होता है जिससे CAD बढ़ जाता है।
प्रामाणिक UPSC Prelims PYQ (2021 थीम)
"भारत के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-से चालू खाते (Current Account) का हिस्सा हैं?
1. व्यापार संतुलन (वस्तुओं का निर्यात और आयात)
2. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI)
3. अदृश्य मदें (सेवाएं, प्रेषण और आय)
4. विदेशी वाणिज्यिक उधार (ECB)
सही कूट का चयन कीजिए:"
उत्तर: केवल 1 और 3। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और ECB पूंजी खाते (Capital Account) के घटक हैं, जबकि व्यापार संतुलन और अदृश्य मदें चालू खाते के अंतर्गत आती हैं।
UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS प्रश्नपत्र III - 250 शब्द, 15 अंक):
"चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे और अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष पर मंडराते संरक्षणवादी व तकनीकी खतरों के बीच भारत का बाह्य क्षेत्र फंसा हुआ है। India US Trade Surplus China Deficit US Tariffs and Global South Diversification in Hindi के आलोक में इस भू-आर्थिक स्थिति का विश्लेषण कीजिए तथा भारत की बाह्य मजबूती हेतु उपाय सुझाइए।"
1. प्रस्तावना (30–40 शब्द): भारत के व्यापार की वर्तमान स्थिति को स्पष्ट करें: चीन के साथ $112B घाटा बनाम अमेरिका के साथ $33.8B अधिशेष; वि-वैश्वीकरण के युग में भू-आर्थिक जोखिमों को रेखांकित करें।
2. मुख्य भाग 1 - संरचनात्मक चुनौतियां व खतरे (80–90 शब्द): अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ से निर्यात पर प्रभाव, जेन-एआई द्वारा आईटी सेवा निर्यात को खतरा और चीनी मध्यवर्ती वस्तुओं पर अत्यधिक निर्भरता (Input Trap) का विस्तृत विश्लेषण करें।
3. मुख्य भाग 2 - विविधीकरण व नीतिगत उपाय (70–80 शब्द): (क) लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और आसियान में निर्यात बाजारों का विविधीकरण; (ख) PLI का घटक-स्तर पर विस्तार; (ग) रुपया-वोस्ट्रो खातों द्वारा स्थानीय मुद्रा व्यापार का विस्तार।
4. निष्कर्ष (30–40 शब्द): केवल असेंबलर बनने के बजाय भारत को आत्मनिर्भर विनिर्माण केंद्र और बहु-आयामी ग्लोबल साउथ व्यापार गलियारों का नेतृत्वकर्ता बनना होगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (UPSC संपादकीय पुनरीक्षण)
अंटार्कटिका में आइसक्यूब न्यूट्रिनो वेधशाला की स्थापना के लिए फ्रांसिस हाल्जेन को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हालांकि, अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही नोबेल देने के 1968 के पुराने नियम ने इस बहु-दशकीय परियोजना में शामिल 400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के सामूहिक योगदान की उपेक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
PABS (Pathogen Access and Benefit-Sharing) तंत्र के तहत देशों द्वारा रोगाणुओं के जैविक नमूने और जीनोमिक अनुक्रम डेटा (GSD) साझा करने के बदले, वैक्सीन और दवा निर्माताओं को आपातकाल में अपने कुल उत्पादन का 20% (10% मुफ्त और 10% किफायती लागत पर) विकासशील देशों के वितरण हेतु WHO को देना अनिवार्य होगा।
भारत और ग्लोबल साउथ देशों का तर्क है कि पर्याप्त वित्तीय सहायता और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के बिना कठोर वन हेल्थ नियम लागू करने से कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्थाओं पर अत्यधिक निगरानी लागत आएगी और उनके पशुधन व डेयरी निर्यात पर गैर-टैरिफ बाधाएं लग सकती हैं।
भारत का चीन के साथ $112 बिलियन का भारी व्यापार घाटा है (कच्चे माल और एपीआई के लिए), जिसकी भरपाई वह अमेरिका के साथ अपने $33.8 बिलियन के व्यापार अधिशेष से करता है। अमेरिकी टैरिफ वृद्धि के प्रस्ताव और आईटी निर्यात पर एआई के प्रभाव से यह संतुलन खतरे में है।
पश्चिमी संरक्षणवाद और टैरिफ झटकों से बचने, विदेशी मुद्रा प्रवाह को स्थिर करने और भारतीय निर्मित वस्तुओं व जेनेरिक दवाओं के लिए लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और आसियान देशों के साथ स्थानीय मुद्रा व्यापार और व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) स्थापित करना अपरिहार्य है।