The Hindu Editorial Today in Hindi 1 September 2026
UPSC सिविल सेवा & State PCS | The Hindu संपादकीय विश्लेषण (1 September 2026)
GS Paper I & II विश्व इतिहास व नीतिशास्त्र अंतर्राष्ट्रीय संबंध

बाल्टिक वे — बाल्टिक स्वतंत्रता पर गांधी की छाप: बाल्टिक वे और गांधीवादी अहिंसक आंदोलन की वैश्विक प्रासंगिकता

Prelims: मोलोटोव-रिबनट्रॉप पैक्ट Mains: नागरिक प्रतिरोध व नैतिकता State PCS: विश्व इतिहास व यूनेस्को
1 ऐतिहासिक घटनाक्रम: सिंगिंग रेवोल्यूशन और 1989 की मानव श्रृंखला

उत्पत्ति, संदर्भ और वैश्विक पहचान

  • ऐतिहासिक मील का पत्थर: 23 अगस्त 2026 को बाल्टिक वे और गांधीवादी अहिंसक आंदोलन की 37वीं वर्षगांठ मनाई गई, जिसमें 20 लाख लोगों ने हाथ से हाथ मिलाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज किया था।
  • 675 किमी लंबी मानव श्रृंखला: तेलिन (एस्तोनिया), रीगा (लातविया) और विलनियस (लिथुआनिया) को जोड़ने वाली इस श्रृंखला का आयोजन 1939 के मोलोटोव-रिबनट्रॉप पैक्ट (नाजी-सोवियत गुप्त समझौता जिसके तहत 1940 में सोवियत संघ ने बाल्टिक देशों को हड़प लिया था) के 50 वर्ष पूरे होने पर किया गया था।
  • सिंगिंग रेवोल्यूशन (1986–91): मिखाइल गोर्बाचेव के पेरेस्त्रोइका और ग्लासनोस्त के दौर में सांस्कृतिक गायन परंपरा और सत्याग्रह के दम पर 1990-91 में बाल्टिक देशों ने शांतिपूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त की।
  • यूनेस्को मान्यता: यह विशाल मानव श्रृंखला यूनेस्को के 'मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड' रजिस्टर में शामिल है और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है।
675 किमी
मानव श्रृंखला की लंबाई
20 लाख
शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी
यूनेस्को
मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड सूची
2 गांधीवादी विचारों का वैश्विक विस्तार: दांडी से विलनियस तक

नैतिक शक्ति की विजय

सोवियत सेना का सामना करते समय लिथुआनियाई राष्ट्रीय टीवी पर रिचर्ड एटनबरो की 1982 की फिल्म गांधी का 24 घंटे प्रसारण किया गया। प्रसिद्ध विचारिका प्रो. ग्राज़िना मिनियोताइट ने स्वीकार किया कि गांधीजी ने सिद्ध किया कि नैतिक शक्ति सैन्य बल से अधिक शक्तिशाली है।

दार्शनिक सेतु

गांधीजी के दक्षिण अफ्रीकी साथी हरमन कालेनबाख (लिथुआनियाई मूल के), दार्शनिक विदुनास, यात्री अंतानास पोश्का और अनुवादक लिनार्ट मॉल ने भारत और बाल्टिक देशों के बीच स्थायी बौद्धिक संबंध स्थापित किए।

3 समकालीन रणनीतिक और व्यापारिक साझेदारी (2026)

1. व्यापारिक वृद्धि

वर्ष 2025-26 में भारत का द्विपक्षीय व्यापार लिथुआनिया ($490.61M), लातविया ($475.66M) और एस्तोनिया ($219.69M) के साथ उच्च स्तर पर पहुंचा।

2. सांस्कृतिक कूटनीति

लातविया (2019) और एस्तोनिया (2025) में स्थापित गांधी प्रतिमाएं बाल्टिक वे और गांधीवादी अहिंसक आंदोलन के साझा इतिहास को जीवंत रखती हैं।

3. नियम आधारित विश्व व्यवस्था

अधिनायकवाद के विरुद्ध अहिंसक संघर्ष की साझा विरासत आज भारत-बाल्टिक रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग का आधार बन चुकी है।

बाल्टिक वे और गांधीवादी अहिंसक आंदोलन की ऐतिहासिक स्मृति आज भी वैश्विक लोकतांत्रिक आंदोलनों को प्रेरित कर रही है।

✎ प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q1. 20वीं सदी के विश्व इतिहास और बाल्टिक वे और गांधीवादी अहिंसक आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. बाल्टिक वे (1989) का आयोजन मोलोटोव-रिबनट्रॉप पैक्ट की 50वीं वर्षगांठ पर किया गया था।
2. मोलोटोव-रिबनट्रॉप पैक्ट नाजी जर्मनी और सोवियत संघ के बीच एक गैर-आक्रमण समझौता था, जिसमें पूर्वी यूरोप को बांटने का गुप्त प्रोटोकॉल शामिल था।
3. एस्तोनिया, लातविया और लिथुआनिया ने द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद 1945 में अपनी पहली स्वतंत्रता प्राप्त की थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A) केवल 1 और 2
  • B) केवल 2 और 3
  • C) केवल 1 और 3
  • D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2

कथन 3 गलत है क्योंकि बाल्टिक देशों ने अपनी प्रारंभिक स्वतंत्रता 1918 में प्राप्त की थी (1945 में नहीं), जिसके बाद 1940 में सोवियत संघ ने उन पर कब्जा कर लिया था। कथन 1 और 2 सही हैं।

🏆 UPSC CSE Prelims 2018 (वास्तविक PYQ)
Q. चंपारण सत्याग्रह का सबसे महत्वपूर्ण पहलू निम्नलिखित में से कौन-सा है?

A) राष्ट्रीय आंदोलन में वकीलों, छात्रों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
B) राष्ट्रीय आंदोलन में दलित और जनजातीय समुदायों का सक्रिय जुड़ाव
C) भारत के राष्ट्रीय आंदोलन में किसान असंतोष का प्रत्यक्ष समावेश
D) रोपण फसलों और वाणिज्यिक फसलों की खेती में भारी कमी
  • A) वकीलों और महिलाओं की भागीदारी
  • B) दलित और जनजातीय जुड़ाव
  • C) किसान असंतोष का राष्ट्रीय आंदोलन में समावेश
  • D) रोपण फसलों में कमी
सही उत्तर: C — किसान असंतोष का राष्ट्रीय आंदोलन में समावेश

1917 का चंपारण सत्याग्रह भारत में गांधीवादी सत्याग्रह का पहला सफल प्रयोग था, जिसने किसान समस्याओं को सीधे स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ा।

UPSC CSE Mains 2021 — GS Paper IV / Ethics (वास्तविक PYQ)

“महात्मा गांधी का सत्याग्रह और अहिंसा का दर्शन अधिनायकवादी राज्य सत्ता के विरुद्ध नैतिक अनुनय का एक शक्तिशाली उपकरण बना हुआ है। समकालीन वैश्विक संदर्भ में इसकी विवेचना कीजिए।” (10 अंक | 150 शब्द)

Mains मॉडल उत्तर रूपरेखा (15 अंक | 250 शब्द)

“बाल्टिक वे ने प्रदर्शित किया कि नैतिक वैधता और जन सविनय अवज्ञा साम्राज्यवादी दमन को उखाड़ फेंकने में सक्षम हैं। गांधीवादी दर्शन के वैश्विक प्रसार का मूल्यांकन कीजिए।”
मुख्य उत्तर बिंदु
  • प्रस्तावना: बाल्टिक वे और गांधीवादी अहिंसक आंदोलन यह प्रमाणित करता है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नैतिक मूल्य सीमाओं को पार कर अधिनायकवाद के विरुद्ध प्रभावी अस्त्र बने।
  • अहिंसक शक्ति के तत्व: सिंगिंग रेवोल्यूशन, 675 किमी मानव श्रृंखला, सोवियत शासन से असहयोग और सैन्य ताकत के स्थान पर नैतिक औचित्य का उपयोग।
  • बौद्धिक प्रसार: हरमन कालेनबाख की मित्रता, गांधीवादी ग्रंथों के अनुवाद और जनसंचार के जरिए गांधीवादी सिद्धांतों का प्रचार।
  • समकालीन प्रासंगिकता: लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, शांतिपूर्ण जन प्रतिरोध और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सॉफ्ट पावर के रूप में गांधीवाद का महत्व।
सिंगिंग रेवोल्यूशन सविनय अवज्ञा मोलोटोव-रिबनट्रॉप पैक्ट सॉफ्ट पावर कूटनीति
GS Paper II & III भारतीय संविधान व अधिकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था व जनकल्याण

कार्य के अधिकार का टूटा वादा: कार्य का अधिकार मनरेगा बनाम वीबी-ग्राम जी अधिनियम का संवैधानिक और आर्थिक विश्लेषण

Prelims: अनुच्छेद 21, 23, 39, 41 Mains: गैर-प्रत्यागमन का सिद्धांत State PCS: सामाजिक कल्याण योजनाएं
1 संविधान सभा के विचार और कानून का विकास

कार्य के अधिकार का संवैधानिक दर्शन

  • संविधान सभा का विमर्श: प्रो. के.टी. शाह ने कार्य के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने का तर्क दिया था। डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने देश की तत्कालीन वित्तीय सीमाओं को देखते हुए इसे नीति निदेशक तत्वों (अनुच्छेद 39, 41, 43) में शामिल किया।
  • न्यायिक मील का पत्थर: ओल्गा टेलिस बनाम बीएमसी (1985) में सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी कि आजीविका का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।
  • वैधानिक गारंटी (2005): मनरेगा (MGNREGA), 2005 ने इस संवैधानिक संकल्प को कानूनन लागू करने योग्य अधिकार में बदल दिया।
  • 2026 का बदलाव: केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह वीबी-ग्राम जी अधिनियम (VB-GRAM G Act) लागू किया, जिसने कार्य का अधिकार मनरेगा बनाम वीबी-ग्राम जी अधिनियम पर गंभीर विमर्श छेड़ दिया है।
मुख्य पैरामीटर मनरेगा (MGNREGA 2005–2025) वीबी-ग्राम जी अधिनियम (जुलाई 2026 से)
कानूनी स्वरूप मांग-आधारित कानूनी अधिकार व बेरोजगारी भत्ता बजट-सीमित आवंटन तथा क्षेत्रों को डी-नोटिफाई करने का अधिकार
रोजगार दिवस (जुलाई-अगस्त) ~44 करोड़ दिवस (3.44 करोड़ परिवार औसत) 14.94 करोड़ दिवस (1.39 करोड़ परिवार) — 68% की गिरावट
ग्रामीण आय ₹8,080 से ₹13,780 करोड़ तक जुलाई-अगस्त 2026 में घटकर केवल ₹4,210 करोड़ रह गई
वित्तीय भार अकुशल मजदूरी का 100% केंद्र द्वारा वहन FRBM नियमों से जूझ रहे राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय भार
2 कानूनी सिद्धांत: गैर-प्रत्यागमन का सिद्धांत और अनुच्छेद 23

गैर-प्रत्यागमन का सिद्धांत

नवतेज सिंह जौहर (2018) मामले में दोहराया गया यह सिद्धांत कहता है कि राज्य द्वारा एक बार दिए गए प्रगतिशील सामाजिक-आर्थिक अधिकारों को बाद में कानून बनाकर छीना या कमजोर नहीं किया जा सकता। कार्य के अधिकार को सीमित करना इस सिद्धांत का उल्लंघन है।

अनुच्छेद 23 व न्यूनतम मजदूरी

संजीत रॉय बनाम राजस्थान राज्य (1983) में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वैधानिक न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान करना अनुच्छेद 23 के तहत 'बलात् श्रम' (Forced Labour) की श्रेणी में आता है।

3 व्यापक आर्थिक प्रभाव और 4-सूत्रीय सुधार रोडमैप

1. बजट कैप हटाना

कार्य का अधिकार मनरेगा बनाम वीबी-ग्राम जी अधिनियम व्यवस्था में मनमाने बजट प्रतिबंधों को समाप्त कर मांग-आधारित कार्य सुनिश्चित करना।

2. महंगाई आधारित मजदूरी

कृषि मजदूरों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-AL) के आधार पर वास्तविक जीवन-यापन मजदूरी का भुगतान करना।

3. सामाजिक अंकेक्षण को शक्ति

भ्रष्टाचार रोकने हेतु ग्राम सभाओं और नागरिक संगठनों को स्वतंत्र सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) के अधिकार देना।

4. आर्थिक गुणक प्रभाव

ग्रामीण परिवारों तक धन पहुंचाने से ग्रामीण उपभोग मांग बढ़ती है, जो संपूर्ण राष्ट्रीय जीडीपी को गति प्रदान करती है।

✎ प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q2. कार्य का अधिकार मनरेगा बनाम वीबी-ग्राम जी अधिनियम और संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. भारतीय संविधान के भाग III के तहत कार्य के अधिकार को स्पष्ट रूप से एक मौलिक अधिकार घोषित किया गया है।
2. ओल्गा टेलिस बनाम बॉम्बे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (1985) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आजीविका का अधिकार अनुच्छेद 21 के जीवन के अधिकार का हिस्सा है।
3. संविधान का अनुच्छेद 41 राज्य को अपनी आर्थिक क्षमता और विकास की सीमाओं के भीतर कार्य का अधिकार सुरक्षित करने का निर्देश देता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A) केवल 1 और 2
  • B) केवल 2 और 3
  • C) केवल 1 और 3
  • D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 2 और 3

कथन 1 गलत है क्योंकि कार्य का अधिकार भाग IV (नीति निदेशक तत्व - अनुच्छेद 41) में शामिल है, मौलिक अधिकार नहीं। कथन 2 और 3 सही हैं।

🏆 UPSC CSE Prelims 2017 (वास्तविक PYQ)
Q. भारत के नागरिक के मौलिक कर्तव्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

1. इन कर्तव्यों को लागू करने के लिए एक विधायी प्रक्रिया प्रदान की गई है।
2. वे कानूनी कर्तव्यों से सह-संबंधित हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
A) केवल 1    B) केवल 2    C) 1 और 2 दोनों    D) न तो 1, न ही 2
  • A) केवल 1
  • B) केवल 2
  • C) 1 और 2 दोनों
  • D) न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: D — न तो 1, न ही 2

मौलिक कर्तव्यों को लागू करने के लिए कोई एकल विधायी प्रक्रिया नहीं है और ये नैतिक कर्तव्य हैं, कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं।

UPSC CSE Mains 2020 — GS Paper II (वास्तविक PYQ)

“अधिकार-आधारित विधानों के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक अधिकारों को साकार करना कल्याणकारी राज्य के संवैधानिक जनादेश को पूरा करने के लिए आवश्यक है। समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।” (15 अंक | 250 शब्द)

Mains मॉडल उत्तर रूपरेखा (15 अंक | 250 शब्द)

“मांग-आधारित रोजगार गारंटी योजना को बजट-सीमित योजना में बदलना संवैधानिक कल्याण और व्यापक आर्थिक स्थिरता दोनों को कमजोर करता है। कार्य का अधिकार मनरेगा बनाम वीबी-ग्राम जी अधिनियम के संदर्भ में विवेचना कीजिए।”
मुख्य उत्तर बिंदु
  • प्रस्तावना: कार्य का अधिकार मनरेगा बनाम वीबी-ग्राम जी अधिनियम का विवाद वित्तीय समेकन और अनुच्छेद 21 के तहत आजीविका की सुरक्षा के बीच संतुलन को रेखांकित करता है।
  • संवैधानिक पहलू: बजट की सीमाएं, क्षेत्रों को हटाना और कम मजदूरी गैर-प्रत्यागमन के सिद्धांत (*नवतेज जौहर*) तथा बलात् श्रम के निषेध (*संजीत रॉय*) का उल्लंघन करते हैं।
  • आर्थिक प्रभाव: रोजगार दिवसों में 68% की गिरावट ग्रामीण उपभोग मांग को घटाकर विनिर्माण क्षेत्र व जीडीपी पर नकारात्मक असर डालती है।
  • आगे का मार्ग: वैधानिक मांग-आधारित गारंटी को पुनः लागू करना, मजदूरी को मुद्रास्फीति से जोड़ना और पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाना।
अनुच्छेद 21 व 41 गैर-प्रत्यागमन का सिद्धांत ग्रामीण मांग राजकोषीय संघवाद
GS Paper III पारिस्थितिकी व जैव विविधता बुनियादी ढांचा व वन्यजीव

घातक फैलाव: भारत में गिद्ध संरक्षण और विद्युत लाइन करंट से मौत का बढ़ता संकट और सुरक्षा उपाय

Prelims: पशु चिकित्सा NSAIDs व IUCN स्थिति Mains: पारिस्थितिक अर्थशास्त्र व शमन State PCS: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम
1 NSAIDs की तबाही और $69.4 बिलियन का वार्षिक पारिस्थितिक नुकसान

रासायनिक खतरे से बुनियादी ढांचे के संकट तक

  • 99.5% का विनाश: 1990 के दशक में भारत में 4 करोड़ गिद्ध थे, जो पशु चिकित्सा दवा डाइक्लोफेनाक (Diclofenac) के कारण 2007 तक 99.5% समाप्त हो गए (सफेद पीठ, भारतीय और पतली चोंच वाले गिद्ध)।
  • दवाओं पर प्रतिबंध: डाइक्लोफेनाक के बाद सरकार ने 2023 में एसिक्लोफेनाक और कीटोप्रोफेन दवाओं को भी पूरी तरह प्रतिबंधित किया।
  • मानव स्वास्थ्य व आर्थिक क्षति: 2024 के एक अध्ययन के अनुसार, गिद्धों के न होने से खुले में पड़े मवेशी शवों से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ी, रेबीज फैला और मानव मृत्यु दर में 4% की वृद्धि हुई, जिससे भारत को प्रतिवर्ष $69.4 बिलियन का आर्थिक नुकसान हुआ।
  • नया संकट: दवाओं का खतरा कम होने के बाद अब भारत में गिद्ध संरक्षण और विद्युत लाइन करंट से मौत सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
99.5% गिरावट
1990-2007 में गिद्धों की क्षति
$69.4 Billion
गिद्धों के अभाव से वार्षिक नुकसान
50% घोंसले
2025 में सक्रिय घोंसले स्थल
2 शारीरिक संरचना की कमजोरी: विशाल डैने और करंट का खतरा

डैनों से बिजली का संपर्क

गिद्धों के पंखों का फैलाव 2 से 2.5 मीटर तक होता है। जब वे ऊंचे ट्रांसमिशन टावरों पर बैठते या उड़ान भरते हैं, तो उनके पंख एक साथ दो विद्युत तारों को या जीवित तार व अर्थिंग धातु को छू लेते हैं, जिससे तुरंत घातक करंट लग जाता है।

शव निस्तारण स्थलों का खतरा

मवेशियों के शव फेंकने के स्थल अक्सर हाई-टेंशन और मध्यम-वोल्टेज बिजली लाइनों के पास स्थित होते हैं, जो गिद्धों के झुंड को इस घातक क्षेत्र में आकर्षित करते हैं।

3 वैज्ञानिक आधार पर 4-सूत्रीय शमन कार्ययोजना

1. शव स्थलों का स्थानांतरण

देहरादून अध्ययन के अनुसार, शव निस्तारण स्थलों को बिजली लाइनों से 2.4 किमी दूर स्थानांतरित करने से भारत में गिद्ध संरक्षण और विद्युत लाइन करंट से मौत में भारी कमी आती है।

2. तारों का इंसुलेशन

मध्यम-वोल्टेज लाइनों और ट्रांसफार्मरों पर सिलिकॉन इंसुलेटर स्लीव्स और सुरक्षित जंपर केबल लगाना।

3. सुरक्षित बर्ड पर्च

ट्रांसमिशन टावरों के ऊपर अचालक बर्ड पर्च (Safe Perches) और बर्ड फ्लाइट डायवर्टर लगाना।

4. मृत्यु दर का ऑडिट

संवेदनशील बिजली लाइनों के आसपास गिद्धों की मौतों की नियमित निगरानी और स्वचालित रिकॉर्डिंग करना।

इंजीनियरिंग सुधार लागू करके भारत में गिद्ध संरक्षण और विद्युत लाइन करंट से मौत को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।

✎ प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q3. भारत में गिद्ध संरक्षण और विद्युत लाइन करंट से मौत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. मवेशियों में डाइक्लोफेनाक जैसी नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं (NSAIDs) का उपयोग गिद्धों में गुर्दे की विफलता का कारण बनता है।
2. सफेद पीठ वाला गिद्ध (Gyps bengalensis) IUCN की रेड लिस्ट में 'गंभीर रूप से संकटग्रस्त' (Critically Endangered) श्रेणी में शामिल है।
3. पक्षियों को करंट लगने का खतरा केवल अल्ट्रा-हाई-वोल्टेज लाइनों पर होता है और मध्यम-वोल्टेज लाइनों पर कभी नहीं होता।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A) केवल 1 और 2
  • B) केवल 2 और 3
  • C) केवल 1 और 3
  • D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2

कथन 3 गलत है क्योंकि मध्यम-वोल्टेज वितरण लाइनों में तारों के बीच दूरी कम होने के कारण गिद्धों को करंट लगने का सर्वाधिक खतरा रहता है। कथन 1 और 2 सही हैं।

🏆 UPSC CSE Prelims 2012 (वास्तविक PYQ)
Q. गिद्ध, जो कुछ वर्ष पहले तक भारतीय देहात में बहुत आम थे, आजकल शायद ही कभी दिखाई देते हैं। इसके लिए किसे जिम्मेदार माना जाता है?

A) नई आक्रामक प्रजातियों द्वारा उनके घोंसले के स्थलों का विनाश
B) बीमार मवेशियों के इलाज के लिए पशु मालिकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली दवा (डाइक्लोफेनाक)
C) उनके लिए उपलब्ध भोजन की कमी
D) उनके बीच फैली एक व्यापक और घातक बीमारी
  • A) घोंसलों का विनाश
  • B) पशु मालिकों द्वारा इस्तेमाल की गई दवा (डाइक्लोफेनाक)
  • C) भोजन की कमी
  • D) घातक बीमारी
सही उत्तर: B — पशु मालिकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली दवा (डाइक्लोफेनाक)

पशु चिकित्सा में उपयोग की जाने वाली डाइक्लोफेनाक दवा गिद्धों की तेजी से घटी आबादी के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार पाई गई थी।

UPSC CSE Mains 2022 — GS Paper III (वास्तविक PYQ)

“भारत में जैव विविधता की हानि के पारिस्थितिक और आर्थिक परिणामों की विवेचना कीजिए। प्रकाश डालिए कि गिद्ध जैसी प्रमुख प्रजातियां पारिस्थितिक संतुलन कैसे बनाए रखती हैं।” (15 अंक | 250 शब्द)

Mains मॉडल उत्तर रूपरेखा (15 अंक | 250 शब्द)

“रेखीय बुनियादी ढांचा विकास प्रायः वन्यजीव संरक्षण के साथ टकराव की स्थिति उत्पन्न करता है। भारत में गिद्ध संरक्षण और विद्युत लाइन करंट से मौत के आलोक में शमन रणनीतियों का मूल्यांकन कीजिए।”
मुख्य उत्तर बिंदु
  • प्रस्तावना: गिद्ध प्राकृतिक सफाईकर्मी हैं; भारत में गिद्ध संरक्षण और विद्युत लाइन करंट से मौत के कारण उनकी कमी बीमारियों को फैलाती है जिससे भारी आर्थिक नुकसान होता है।
  • करंट लगने के कारण: विशाल डैने, खंभों पर बैठने की आदत और शव स्थलों का बिजली लाइनों के निकट होना।
  • पारिस्थितिक प्रभाव: सड़े हुए मांस का संचय, आवारा कुत्तों की वृद्धि और रेबीज जैसे जूनोटिक रोगों का प्रसार।
  • समाधान: शव स्थलों को बिजली लाइनों से 2.4 किमी दूर रखना, बिजली के तारों का इंसुलेशन और सुरक्षित बर्ड पर्च स्थापित करना।
पारिस्थितिक अर्थशास्त्र पशु चिकित्सा दवाएं रेखीय बुनियादी ढांचा IUCN रेड लिस्ट

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (1 September 2026 FAQs)

1. 1989 के ऐतिहासिक बाल्टिक वे मानव श्रृंखला आंदोलन को गांधीवादी दर्शन ने कैसे प्रेरित किया?
एस्तोनिया, लातविया और लिथुआनिया के 20 लाख नागरिकों ने 675 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर गांधीजी के सत्याग्रह और असहयोग के माध्यम से सोवियत शासन से अहिंसक स्वतंत्रता हासिल की।
2. मनरेगा की जगह लागू किए गए वीबी-ग्राम जी अधिनियम (VB-GRAM G Act) का क्या प्रभाव पड़ा है?
जुलाई-अगस्त 2026 में ग्रामीण कार्य दिवसों (Person-days) में 68% की भारी गिरावट दर्ज की गई और ग्रामीण परिवारों की कुल आय में भारी कमी आई।
3. सामाजिक-आर्थिक अधिकारों के संदर्भ में 'गैर-प्रत्यागमन का सिद्धांत' (Doctrine of Non-Retrogression) क्या है?
नवतेज जौहर मामले में प्रतिपादित यह सिद्धांत कहता है कि राज्य द्वारा एक बार प्रदान और विस्तारित किए गए अधिकारों को बाद में कानून बनाकर वापस या कम नहीं किया जा सकता।
4. भारत में बिजली के ऊंचे खंभे और ट्रांसमिशन लाइनें गिद्धों के लिए घातक क्यों साबित हो रही हैं?
गिद्धों के 2 से 2.5 मीटर लंबे विशाल डैने (Wingspan) मवेशी शवों के पास लगे बिजली के खंभों पर बैठते समय लाइव कंडक्टरों और अर्थ तारों को छूकर तुरंत करंट लगा देते हैं।
5. गिद्धों में गुर्दे की विफलता को रोकने के लिए भारत में कौन-सी पशु चिकित्सा दवाएं प्रतिबंधित हैं?
डाइक्लोफेनाक (Diclofenac) के बाद 2023 में एसिक्लोफेनाक (Aceclofenac) और कीटोप्रोफेन (Ketoprofen) दवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया।
प्रस्तुति: Todays Current Affairs | UPSC सिविल सेवा एवं State PCS संपादकीय विश्लेषण (1 September 2026)
hindu editorial analysis in hindi
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