गुप्त रणनीतियां और नाटो का संकल्प
- संघर्ष का विस्तार: जर्मन हवाई अड्डे के पास विस्फोटक ड्रोन मिलना, रोमानिया के ऊपर ड्रोन गिराया जाना और पोलैंड में रूसी प्रोजेक्टाइल का गिरना स्पष्ट करता है कि रूस यूक्रेन युद्ध विस्तार और नाटो ग्रे ज़ोन संघर्ष का खतरा बढ़ रहा है।
- अप्रत्यक्ष युद्ध पद्धतियां: यूरोपीय सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, रूस तोड़फोड़ के लिए विदेशी एजेंटों की भर्ती कर रहा है और डिजिटल जासूसी व साइबर हमलों के जरिए यूरोपीय बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है।
- खुफिया चेतावनी: अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, यूक्रेन के गहरे हमलों के दबाव में रूस नाटो सीमावर्ती देशों में सीमित सैन्य घुसपैठ या बड़े साइबर हमले कर सकता है। सीआईए प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने मॉस्को का दौरा कर नाटो पर हमले के विरुद्ध चेतावनी दी।
- कड़े तेवर: मॉस्को ने चेतावनी दी है कि यदि यूक्रेन ब्रिटिश हथियारों का उपयोग करता है तो यूक्रेन के अंदर और बाहर स्थित ब्रिटिश सैन्य ठिकाने वैध लक्ष्य बन सकते हैं, साथ ही कीव में सत्ता परिवर्तन की धमकी दी गई है।
जमीनी बढ़त में गिरावट
रूस के पास यूक्रेन के 20% से अधिक क्षेत्र का नियंत्रण होने के बावजूद, भारी तोपखाने और ग्लाइड-बम हमलों के बाद भी उसकी नई जमीनी बढ़त की गति धीमी पड़ गई है और युद्ध में गतिरोध आ गया है।
यूक्रेन के गहरे रणनीतिक हमले
यूक्रेन ने लंबी दूरी के ड्रोनों से रूस के ऊर्जा क्षेत्र, तेल रिफाइनरियों और सैन्य आपूर्ति नेटवर्क पर हमले किए हैं, जिससे रूस की 20% रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित हुई है और उसे गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
1. वैश्विक भटकाव का लाभ
घरेलू दबाव में रूस, फारस की खाड़ी में अमेरिकी व्यस्तता का फायदा उठाकर मोर्चे के गतिरोध को तोड़ने के लिए संघर्ष को बढ़ा सकता है।
2. परमाणु युद्ध का जोखिम
रूस यूक्रेन युद्ध विस्तार और नाटो ग्रे ज़ोन संघर्ष में अनियंत्रित तनाव दो परमाणु-सशस्त्र पक्षों के बीच विनाशकारी पूर्ण युद्ध का रूप ले सकता है।
3. कूटनीतिक मध्यमार्ग
युद्ध को बढ़ाने के बजाय, रूस को यूक्रेन और पश्चिमी देशों के साथ गंभीर कूटनीतिक बातचीत कर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे लंबे यूरोपीय युद्ध को समाप्त करना चाहिए।
रूस यूक्रेन युद्ध विस्तार और नाटो ग्रे ज़ोन संघर्ष को टालने के लिए तत्काल कूटनीतिक समाधान आवश्यक है।
1. 'ग्रे ज़ोन युद्ध' पारंपरिक शांति और प्रत्यक्ष युद्ध के बीच की प्रतिस्पर्धी राज्य गतिविधियों को संदर्भित करता है।
2. नाटो संधि का अनुच्छेद 5 सामूहिक रक्षा के सिद्धांत को स्थापित करता है, जिसके तहत किसी एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाता है।
3. यूरोप में हुए साइबर हमलों के जवाब में नाटो के अनुच्छेद 5 को अब तक कई बार लागू किया जा चुका है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
कथन 3 गलत है क्योंकि नाटो के अनुच्छेद 5 को इतिहास में केवल एक बार — 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमलों के बाद लागू किया गया था। कथन 1 और 2 सही हैं।
1. डोनबास (Donbas) — सीरिया
2. ज़ापोरिज्जिया (Zaporizhzhia) — यूक्रेन
3. खेरसॉन (Kherson) — यूक्रेन
4. टाइग्रे (Tigray) — इथियोपिया
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
A) केवल एक युग्म B) केवल दो युग्म C) केवल तीन युग्म D) सभी चार युग्म
सही उत्तर: C — केवल तीन युग्म
डोनबास पूर्वी यूक्रेन में स्थित है (सीरिया में नहीं)। ज़ापोरिज्जिया और खेरसॉन यूक्रेन में हैं, तथा टाइग्रे इथियोपिया में स्थित है।
UPSC CSE Mains 2022 — GS Paper II (वास्तविक PYQ)
Mains मॉडल उत्तर रूपरेखा (15 अंक | 250 शब्द)
मुख्य उत्तर बिंदु
- प्रस्तावना: रूस यूक्रेन युद्ध विस्तार और नाटो ग्रे ज़ोन संघर्ष में पारंपरिक युद्ध सीमा से नीचे रहने वाली गुप्त सैन्य व साइबर गतिविधियों को परिभाषित करना।
- ग्रे ज़ोन के मुख्य रूप: हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ, ऊर्जा पाइपलाइनों और इंटरनेट केबलों की तोड़फोड़, साइबर जासूसी और छद्म एजेंटों की भर्ती।
- सामरिक चुनौतियां: हमले के कर्ता की प्रत्यक्ष पहचान में कठिनाई तथा अनपेक्षित रूप से परमाणु टकराव भड़कने का निरंतर जोखिम।
- आगे का मार्ग: राष्ट्रीय साइबर व ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा बढ़ाना, संकट संचार चैनलों को सक्रिय रखना और शांतिपूर्ण कूटनीतिक समाधान पर बल देना।