The Hindu Editorial Today in Hindi 22 September 2026
UPSC CSE & State PSC | द हिंदू संपादकीय दैनिक विश्लेषण (22 सितंबर 2026)
GS Paper III विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अंतरिक्ष मिशन एवं मानव अंतरिक्ष उड़ान

गगनयान का क्रू मॉड्यूल पैराशूट कैसे तैनात करेगा? गगनयान क्रू मॉड्यूल पैराशूट मंदी प्रणाली डीआरडीओ एडीआरडीई एवं वायुमंडलीय पुनप्रवेश इंजीनियरिंग

Prelims: ISRO HSFC, DRDO ADRDE आगरा, केवलर, नोमेक्स, ड्रॉग एवं पायलट पैराशूट Mains: वायुमंडलीय पुनप्रवेश भौतिकी, अंतरिक्ष यात्री सुरक्षा, स्वदेशीकरण State PSC: भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के मील के पत्थर
1 वायुमंडलीय पुनप्रवेश गतिकी एवं बहु-स्तरीय पैराशूट अनुक्रम

डॉ. एस. उन्नीकृष्णन नायर (पूर्व निदेशक, VSSC एवं HSFC) द्वारा आधिकारिक विश्लेषण

  • पुनप्रवेश मंदी भौतिकी: पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाला कोई भी अंतरिक्ष यान अपनी अधिकांश गतिज ऊर्जा वायुमंडलीय खिंचाव (Atmospheric drag) के माध्यम से खो देता है। हालांकि, निचले वायुमंडल में जब गगनयान मॉड्यूल ~170 m/s की गति से उतरता है, तो सुरक्षित लैंडिंग (< 8.5 m/s) हेतु विशेष मंदी प्रणालियों की आवश्यकता होती है।
  • बहु-स्तरीय वास्तुकला (Multi-Staging): गगनयान क्रू मॉड्यूल पैराशूट मंदी प्रणाली डीआरडीओ एडीआरडीई एवं वायुमंडलीय पुनप्रवेश इंजीनियरिंग के तहत, यदि उच्च वायुगतिकीय दबाव में एक साथ पूरा पैराशूट खोल दिया जाए, तो कपड़ा फट सकता है या अंतरिक्ष यात्रियों पर अत्यधिक जानलेवा G-बल पड़ सकता है। अतः मंदी भार को सहनीय रखने हेतु व्यास को क्रमिक रूप से बढ़ाया जाता है।
  • तीन प्रकार के पैराशूट: इस प्रणाली में पायलट पैराशूट (बड़ी छतरियों को बाहर खींचने वाले मिनी-पैराशूट), ड्रॉग पैराशूट (वायुगतिकीय संतुलन व गति कम करने वाले शंक्वाकार पैराशूट), और मुख्य पैराशूट (अंतिम लैंडिंग हेतु बड़े वितान) शामिल हैं।
  • वेक पेनेट्रेशन इजेक्शन: क्रू मॉड्यूल का कुंद शंक्वाकार आकार उसके पिछले हिस्से में एक अशांत वायु प्रवाह (Turbulent wake) बनाता है। मोर्टार-आधारित पायरोटेक्निक इजेक्शन इस अशांत प्रवाह को भेदकर स्वच्छ हवा में पैराशूट को खोलता है।
10 Chutes
कुल पैराशूट क्लस्टर
2 Drogue
संतुलनकारी ड्रॉग पैराशूट
3 Main
अंतिम मंदी मुख्य पैराशूट
2 उन्नत एयरोस्पेस सामग्रियां एवं परीक्षण सुविधाएं
एयरोस्पेस सामग्री / बहुलक उपयोग का भाग इंजीनियरिंग विशेषता एवं परिचालन कार्य
केवलर (Kevlar Aramid) उच्च-भार सस्पेंशन डोरियां, राइजर और संरचनात्मक टेप। गगनयान क्रू मॉड्यूल पैराशूट मंदी प्रणाली डीआरडीओ एडीआरडीई एवं वायुमंडलीय पुनप्रवेश इंजीनियरिंग में असाधारण तन्य शक्ति और झटके के दौरान न्यूनतम खिंचाव।
नोमेक्स (Nomex Meta-Aramid) ऊष्मा-उजागर स्कर्ट क्षेत्र और मोर्टार डिस्चार्ज भाग। गर्म मोर्टार गैस निर्वहन, वायु-तापीय घर्षण और अत्यधिक तापमान को सहन करने में सक्षम।
उच्च-तन्यता नायलॉन पैराशूट वितान (Canopy broadcloth) और गोरे। उच्च लोचदार लचीलापन मुद्रास्फीति के झटके को सोखता है; उच्च संपीड़्यता कम स्थान में सघन पैकिंग की अनुमति देती है।
3 कठोर परीक्षण प्लेटफॉर्म एवं अंतर्निहित बैकअप (Redundancy)

रेल ट्रैक रॉकेट स्लेड (RTRS)

चंडीगढ़ स्थित TBRL प्रयोगशाला में सुपरसोनिक गतिकीय दबावों पर पैराशूट निष्कासन और वितान विस्तार का कठोर परीक्षण गगनयान क्रू मॉड्यूल पैराशूट मंदी प्रणाली डीआरडीओ एडीआरडीई एवं वायुमंडलीय पुनप्रवेश इंजीनियरिंग के तहत संपन्न हुआ।

3 में से 2 पैराशूट बैकअप सुरक्षा

ADRDE आगरा (DRDO) द्वारा निर्मित 3 मुख्य पैराशूटों में से यदि एक विफल भी हो जाए, तो शेष 2 पैराशूट अंतरिक्ष यात्रियों की समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करते हैं।

समुद्र में उतरने के बाद मॉड्यूल के पलटने या हवा से घिसटने से बचाने के लिए पायरो कटर तुरंत पैराशूट रस्सियों को काट देते हैं, जो गगनयान क्रू मॉड्यूल पैराशूट मंदी प्रणाली डीआरडीओ एडीआरडीई एवं वायुमंडलीय पुनप्रवेश इंजीनियरिंग की पूर्णता को दर्शाता है।

✎ प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्र. 1. इसरो के गगनयान मिशन और मानव अंतरिक्ष उड़ान रिकवरी प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. आगरा स्थित डीआरडीओ की प्रमुख प्रयोगशाला, एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADRDE), पैराशूट मंदी प्रणाली की मुख्य विकासकर्ता है।
2. वायुमंडलीय अवरोहण के दौरान क्रू मॉड्यूल को संतुलित करने और गति कम करने हेतु मुख्य पैराशूट से पहले ड्रॉग (Drogue) पैराशूट तैनात किए जाते हैं।
3. गगनयान में उच्च लोचशीलता हेतु नोमेक्स का उपयोग मुख्य वितान कपड़े के रूप में किया जाता है, जबकि नायलॉन का उपयोग केवल मोर्टार गैस शील्ड हेतु होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A) केवल 1 और 2
  • B) केवल 2 और 3
  • C) केवल 1 और 3
  • D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2

कथन 3 गलत है क्योंकि झटके सोखने वाली उच्च लोचशीलता के कारण नायलॉन का उपयोग मुख्य वितान कपड़े में किया जाता है, जबकि नोमेक्स अग्निरोधी है और इसका उपयोग गर्म मोर्टार गैस निकास क्षेत्रों में किया जाता है। कथन 1 और 2 सही हैं।

🏆 UPSC CSE Prelims 2023 (आधिकारिक प्रश्न)
प्र. भारतीय अंतरिक्ष अभियानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. गगनयान भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है जिसका उद्देश्य निम्न भू-कक्षा (LEO) में मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करना है।
2. इसरो के तहत मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (HSFC) गगनयान परियोजना के क्रियान्वयन हेतु जिम्मेदार है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
  • A) केवल 1
  • B) केवल 2
  • C) 1 और 2 दोनों
  • D) न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों

दोनों कथन सही हैं। गगनयान परियोजना इसरो के बेंगलुरु स्थित HSFC द्वारा संचालित की जा रही है।

UPSC CSE Mains 2022 — GS Paper III (आधिकारिक प्रश्न)

“मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन (गगनयान) के लिए भारत की क्या योजना है? मानव अंतरिक्ष उड़ान से जुड़ी प्रमुख वैज्ञानिक, तकनीकी और रणनीतिक चुनौतियों की चर्चा कीजिए।” (15 अंक | 250 शब्द)

मुख्य परीक्षा मॉडल ब्लूप्रिंट (15 अंक | 250 शब्द)

“मानवयुक्त अंतरिक्ष यान के वायुमंडलीय पुनप्रवेश की जटिल इंजीनियरिंग चुनौतियों का विवरण दीजिए और रिकवरी अभियानों में बहु-स्तरीय पैराशूट प्रणाली की भूमिका का परीक्षण कीजिए।”
मुख्य उत्तर संरचना (Answer Framework)
  • प्रस्तावना: वायुमंडलीय पुनप्रवेश गतिकी को परिभाषित करें और गगनयान क्रू मॉड्यूल पैराशूट मंदी प्रणाली डीआरडीओ एडीआरडीई एवं वायुमंडलीय पुनप्रवेश इंजीनियरिंग के उद्देश्यों को रेखांकित करें।
  • वायुगतिकीय एवं तापीय चुनौतियां: अत्यधिक घर्षण ऊष्मा, प्लाज्मा शील्डिंग, और मॉड्यूल के कुंद आकार से उत्पन्न अशांत वायु प्रवाह (Wake) को भेदना।
  • बहु-स्तरीय पैराशूट अनुक्रम: पायलट, ड्रॉग और 3 मुख्य पैराशूटों की क्रमिक तैनाती द्वारा G-बलों का शमन।
  • उन्नत सामग्रियां एवं परीक्षण: केवलर, नोमेक्स और नायलॉन का अनुप्रयोग तथा RTRS और एकीकृत एयर ड्रॉप सोपानों की भूमिका।
Gaganyaan ADRDE DRDO Atmospheric Reentry Kevlar & Nomex HSFC ISRO
GS Paper II न्यायपालिका एवं संवैधानिक विधि मौलिक अधिकार एवं शासन

सुप्रीम कोर्ट ने मेथनॉल नियमों को क्यों खारिज किया? सर्वोच्च न्यायालय मेथनॉल विकृतीकरण जहर नियम आनुपातिकता का सिद्धांत एवं अनुच्छेद 19 1 g

Prelims: अनुच्छेद 14, 19(1)(g), पुट्टास्वामी 2017 आनुपातिकता परीक्षण, जहर नियम 1972 Mains: तद्भव कार्यकारी विधियां, व्यापार सुगमता, जहरीली शराब त्रासदी State PSC: राज्य आबकारी एवं औद्योगिक विनियमन
1 महाराष्ट्र जहर नियम संशोधन का न्यायिक निरस्तीकरण

रिज़मी लिया एम. (Rizmi Lia M.) द्वारा सुप्रीम कोर्ट फैसले का विश्लेषण (18 सितंबर 2026)

  • विवादित नियम: न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने महाराष्ट्र जहर नियम 1972 के नियम 18A और 18B को रद्द कर दिया, जिसके तहत गैर-दवा निर्माताओं को बेचे जाने वाले औद्योगिक मेथनॉल में रंग व कड़वाहट मिलाना अनिवार्य किया गया था।
  • अनुच्छेद 14 और 19(1)(g) का उल्लंघन: ऐतिहासिक सर्वोच्च न्यायालय मेथनॉल विकृतीकरण जहर नियम आनुपातिकता का सिद्धांत एवं अनुच्छेद 19 1 g फैसले में अदालत ने माना कि वैध वाणिज्य पर विनाशकारी बोझ डालने वाले तर्कहीन नियम व्यापार के अधिकार और विधि के समक्ष समानता का हनन करते हैं।
  • औद्योगिक क्षति: मेथनॉल फॉर्मलाडेहाइड, रेजिन, पेंट और फार्मास्यूटिकल्स का प्रमुख कच्चा माल है। कड़वाहट मिलाने से रासायनिक उत्प्रेरक (Catalysts) निष्क्रिय हो जाते हैं और विनिर्माण असंभव हो जाता है।
  • प्रत्यक्ष संबंध का अभाव: राज्य यह साबित करने में विफल रहा कि औद्योगिक मेथनॉल में रंग मिलाने से अवैध शराब सिंडिकेट रुकेंगे, क्योंकि वे पहले से ही अवैध रास्तों का उपयोग करते हैं।
Art 19(1)(g)
व्यापार व पेशे की स्वतंत्रता
Art 14
गैर-तर्कहीनता एवं निष्पक्षता
4-चरण
पुट्टास्वामी आनुपातिकता परीक्षण
2 चार-चरणीय आनुपातिकता मानक का अनुप्रयोग
आनुपातिकता चरण (पुट्टास्वामी 2017) संवैधानिक परीक्षण मानदंड मेथनॉल नियमों पर सर्वोच्च न्यायालय का निष्कर्ष
1. वैध राज्य उद्देश्य (Legitimate Aim) राज्य की कार्रवाई का उद्देश्य कानून द्वारा अधिकृत होना चाहिए (अनुच्छेद 47 के तहत जहरीली शराब की मौतों को रोकना)। उत्तीर्ण: मिलावटी शराब से जीवन की रक्षा करना एक वैध संवैधानिक उद्देश्य है।
2. तार्किक संबंध (Rational Nexus) उठाए गए कदम और प्राप्त किए जाने वाले उद्देश्य के बीच कार्य-कारण संबंध होना चाहिए। अनुत्तीर्ण: सर्वोच्च न्यायालय मेथनॉल विकृतीकरण जहर नियम आनुपातिकता का सिद्धांत एवं अनुच्छेद 19 1 g के अनुसार रंग मिलाने से अवैध शराब तस्करों पर कोई रोक नहीं लगती।
3. आवश्यकता (कम से कम प्रतिबंधात्मक) अधिकारों का कम से कम हनन करने वाले वैकल्पिक उपायों को अपनाना। अनुत्तीर्ण: आपूर्ति-श्रृंखला डिजिटलीकरण, जीपीएस ट्रैकिंग और सीमा प्रवर्तन जैसे गैर-विनाशकारी विकल्प उपलब्ध थे।
4. पूर्ण संतुलन (Proportionality Stricto Sensu) सामाजिक लाभ और छीने गए अधिकार के बीच संतुलन होना चाहिए। अनुत्तीर्ण: अवैध शराब रुके बिना संपूर्ण वैध रासायनिक उद्योग को पंगु बना दिया गया।
3 जहरीली शराब त्रासदियों को रोकने हेतु सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश

अंतर-विभागीय प्रवर्तन मैट्रिक्स

पुलिस, आबकारी, परिवहन, उद्योग और स्वास्थ्य विभागों को मिलकर अंतर-राज्यीय सीमाओं पर थोक टैंकरों की रीयल-टाइम डिजिटल निगरानी करनी चाहिए।

कच्चे माल की पूर्ण ट्रेसेबिलिटी

रासायनिक कच्चे माल को नष्ट करने के बजाय डिजिटल बारकोडिंग और ऑडिट ट्रेल का उपयोग करें, जैसा कि सर्वोच्च न्यायालय मेथनॉल विकृतीकरण जहर नियम आनुपातिकता का सिद्धांत एवं अनुच्छेद 19 1 g में निर्देशित है।

यह निर्णय स्थापित करता है कि सामाजिक बुराइयों को रोकने के प्रशासनिक प्रयास वैध आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट नहीं कर सकते, जो सर्वोच्च न्यायालय मेथनॉल विकृतीकरण जहर नियम आनुपातिकता का सिद्धांत एवं अनुच्छेद 19 1 g का मूल संदेश है।

✎ प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्र. 2. भारत में 'आनुपातिकता के सिद्धांत' (Doctrine of Proportionality) और मौलिक अधिकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. के.एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ (2017) मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंधों के मूल्यांकन हेतु 4-चरणीय आनुपातिकता परीक्षण को औपचारिक रूप दिया।
2. संविधान के अनुच्छेद 19(6) के तहत, राज्य आम जनता के हित में अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत व्यापार के अधिकार पर उचित प्रतिबंध लगा सकता है।
3. राज्य सरकार द्वारा बनाए गए अधीनस्थ नियम (Subordinate Rules) मनमाने होने पर भी अनुच्छेद 14 के तहत न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A) केवल 1 और 2
  • B) केवल 2 और 3
  • C) केवल 1 और 3
  • D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2

कथन 3 गलत है क्योंकि अधीनस्थ कानून पूर्णतः न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं और यदि वे स्पष्ट रूप से मनमाने हैं तो उन्हें अनुच्छेद 14 के तहत रद्द किया जा सकता है। कथन 1 और 2 सही हैं।

🏆 UPSC CSE Prelims 2018 (आधिकारिक प्रश्न)
प्र. भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत 'निजता का अधिकार' (Right to Privacy) जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का अंतर्निहित हिस्सा है?

A) अनुच्छेद 14
B) अनुच्छेद 19
C) अनुच्छेद 21
D) अनुच्छेद 29
  • A) अनुच्छेद 14
  • B) अनुच्छेद 19
  • C) अनुच्छेद 21
  • D) अनुच्छेद 29
सही उत्तर: C — अनुच्छेद 21

पुट्टास्वामी (2017) निर्णय में 9 न्यायाधीशों की पीठ ने निजता के अधिकार को अनुच्छेद 21 का अभिन्न अंग घोषित किया था।

UPSC CSE Mains 2021 — GS Paper II (आधिकारिक प्रश्न)

“राज्य की कार्रवाइयों की न्यायिक समीक्षा के संदर्भ में 'आनुपातिकता के सिद्धांत' के संवैधानिक आयामों को समझाइए। हाल के निर्णयों के माध्यम से यह कैसे विकसित हुआ है?” (15 अंक | 250 शब्द)

मुख्य परीक्षा मॉडल ब्लूप्रिंट (15 अंक | 250 शब्द)

“समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए कि अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत आर्थिक स्वतंत्रताओं पर असंगत बोझ डालने वाले मनमाने नियमों को रद्द करने में आनुपातिकता के सिद्धांत की क्या भूमिका है।”
मुख्य उत्तर संरचना (Answer Framework)
  • प्रस्तावना: महाराष्ट्र मेथनॉल नियमों के न्यायिक निरस्तीकरण का संदर्भ देते हुए सर्वोच्च न्यायालय मेथनॉल विकृतीकरण जहर नियम आनुपातिकता का सिद्धांत एवं अनुच्छेद 19 1 g को परिभाषित करें।
  • संवैधानिक अंतर्संबंध: अनुच्छेद 14 (तर्कसंगतता), अनुच्छेद 19(1)(g) (व्यापार स्वतंत्रता), और अनुच्छेद 47 (सार्वजनिक स्वास्थ्य) का सामंजस्य।
  • 4-चरणीय परीक्षण का अनुप्रयोग: वैध उद्देश्य होने के बावजूद तार्किक संबंध का अभाव और उद्योगों पर पड़ने वाले असंगत प्रभाव के आधार पर नियमों का पतन।
  • आगे की राह: व्यापार को नष्ट किए बिना डिजिटल ट्रैकिंग और स्मार्ट विनियामक तंत्र का प्रयोग।
Proportionality Test Article 19(1)(g) Article 14 Methanol Rules Ease of Business
GS Paper II अंतरराष्ट्रीय संबंध समुद्री सुरक्षा एवं अनक्लॉस (UNCLOS)

होर्मुज संकट को सुलझाने हेतु मलक्का-सिंगापुर मॉडल: मलक्का सिंगापुर जलडमरूमध्य सहकारी तंत्र मॉडल एवं होर्मुज जलडमरूमध्य अनक्लॉस पारगमन मार्ग

Prelims: UNCLOS 1982, पारगमन मार्ग vs निर्दोष मार्ग, समुद्री भूगोल Mains: समुद्री भू-राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा, फारस की खाड़ी स्थिरता State PSC: वैश्विक व्यापार मार्ग एवं संधियां
1 चोकपॉइंट भूगोल एवं मलक्का का ऐतिहासिक विकास

रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ एम. कल्याणरामन (M. Kalyanaraman) द्वारा भू-राजनीतिक विश्लेषण

  • मलक्का मोड़ (1971): मलक्का जलडमरूमध्य (800 किमी) और सिंगापुर जलडमरूमध्य (105 किमी) हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ते हैं। अपने सबसे संकीर्ण बिंदुओं पर ये 24 समुद्री मील से कम चौड़े हैं। जब इंडोनेशिया और मलेशिया ने 12 समुद्री मील क्षेत्रीय जल का दावा किया, तो अंतरराष्ट्रीय खुला समुद्र समाप्त हो गया।
  • अनक्लॉस 'पारगमन मार्ग' (Transit Passage) व्यवस्था: अंतरराष्ट्रीय नौवहन को अक्षुण्ण रखने हेतु UNCLOS 1982 ने अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्यों के लिए 'पारगमन मार्ग' की व्यवस्था तय की। यह 'निर्दोष मार्ग' (Innocent Passage) से भिन्न है और पनडुब्बियों व जहाजों को निर्बाध व त्वरित पारगमन का अधिकार देता है।
  • 2007 का सहकारी तंत्र: मलक्का सिंगापुर जलडमरूमध्य सहकारी तंत्र मॉडल एवं होर्मुज जलडमरूमध्य अनक्लॉस पारगमन मार्ग के अंतर्गत तीनों तटीय देशों (इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर) ने उपयोगकर्ता देशों और शिपिंग उद्योग के साथ मिलकर बिना कोई टोल लगाए सुरक्षा और पर्यावरण प्रबंधन का ढांचा बनाया।
21 M bpd
होर्मुज से तेल का दैनिक प्रवाह
UNCLOS Art 43
सहकारी तंत्र का कानूनी आधार
1982
अनक्लॉस पारगमन मार्ग संहिता
2 मलक्का और होर्मुज की तुलना: संरचनात्मक समानताएं
रणनीतिक आयाम मलक्का एवं सिंगापुर जलडमरूमध्य होर्मुज जलडमरूमध्य (फारस की खाड़ी)
भौगोलिक स्थिति तटीय देशों (इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर) के 12 समुद्री मील क्षेत्रीय जल संकीर्ण चैनलों में आपस में मिलते हैं। ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जल आपस में मिलते हैं, जिससे कोई खुला समुद्र गलियारा नहीं बचता।
UNCLOS कानूनी स्थिति तीनों तटीय देशों ने UNCLOS की पुष्टि की है और पर्यावरणीय सुरक्षा के साथ पारगमन मार्ग को मान्यता दी है। ओमान ने UNCLOS की पुष्टि की; ईरान ने हस्ताक्षर किए पर पुष्टि नहीं की, और 1993 के घरेलू कानून द्वारा युद्धपोतों पर अनुमति की शर्त लगाई।
सहकारी शासन 2007 का सहकारी तंत्र (Cooperative Mechanism), जिसमें उपयोगकर्ता देशों के स्वैच्छिक कोष से सुरक्षा व हाइड्रोग्राफी का वित्तपोषण होता है। मलक्का सिंगापुर जलडमरूमध्य सहकारी तंत्र मॉडल एवं होर्मुज जलडमरूमध्य अनक्लॉस पारगमन मार्ग के अभाव में भारी सैन्यीकरण, टैंकर जब्ती और निरंतर संघर्ष।
3 मलक्का मॉडल को होर्मुज पर लागू करना

1. क्षेत्रीय त्रिपक्षीय परिषद

ईरान, ओमान और खाड़ी देशों को मिलाकर जलडमरूमध्य नौवहन के लिए एक संस्थागत परिषद बनाना।

2. उपयोगकर्ता देश वित्तपोषण कोष

बिना संप्रभु पारगमन टोल लगाए हाइड्रोग्राफी और पर्यावरण संरक्षण हेतु बहुपक्षीय कोष स्थापित करना।

3. युद्धपोत तनाव में कमी

विदेशी नौसैनिक टकराव के स्थान पर संयुक्त क्षेत्रीय निगरानी को मलक्का सिंगापुर जलडमरूमध्य सहकारी तंत्र मॉडल एवं होर्मुज जलडमरूमध्य अनक्लॉस पारगमन मार्ग के तहत बढ़ावा देना।

4. व्यापार मार्गों का वि-राजनीतिकरण

वैश्विक ऊर्जा गलियारों को क्षेत्रीय भू-राजनीतिक प्रतिबंधों और कूटनीतिक दबावों से मुक्त रखना।

अपनी 85% कच्चा तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर भारत हेतु समुद्री सुरक्षा मलक्का सिंगापुर जलडमरूमध्य सहकारी तंत्र मॉडल एवं होर्मुज जलडमरूमध्य अनक्लॉस पारगमन मार्ग के सिद्धांतों को अपनाने में निहित है।

✎ प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्र. 3. समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCLOS) और अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. UNCLOS के तहत, 'पारगमन मार्ग' (Transit Passage) की व्यवस्था खुले समुद्र या ईईजेड के दो हिस्सों को जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्यों पर लागू होती है।
2. 'निर्दोष मार्ग' (Innocent Passage) के विपरीत, पारगमन मार्ग का उपयोग करने वाली पनडुब्बियों को कानूनी रूप से जलमग्न होकर चलने की अनुमति होती है।
3. जलडमरूमध्य की सीमा से लगे तटीय देशों को सशस्त्र संघर्ष के दौरान पारगमन मार्ग को निलंबित करने का संप्रभु अधिकार प्राप्त है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A) केवल 1 और 2
  • B) केवल 2 और 3
  • C) केवल 1 और 3
  • D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2

कथन 3 गलत है क्योंकि UNCLOS अनुच्छेद 44 स्पष्ट रूप से कहता है कि अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्यों में पारगमन मार्ग को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जाएगा। कथन 1 और 2 सही हैं।

🏆 UPSC CSE Prelims 2017 (आधिकारिक प्रश्न)
प्र. निम्नलिखित में से कौन-सा जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है?

A) बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य
B) होर्मुज जलडमरूमध्य
C) मलक्का जलडमरूमध्य
D) बोस्फोरस जलडमरूमध्य
  • A) बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य
  • B) होर्मुज जलडमरूमध्य
  • C) मलक्का जलडमरूमध्य
  • D) बोस्फोरस जलडमरूमध्य
सही उत्तर: B — होर्मुज जलडमरूमध्य

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला रणनीतिक समुद्री मार्ग है।

UPSC CSE Mains 2020 — GS Paper II (आधिकारिक प्रश्न)

“महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट्स की सुरक्षा भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। पश्चिम एशिया में हाल के भू-राजनीतिक तनावों के संदर्भ में चर्चा कीजिए।” (15 अंक | 250 शब्द)

मुख्य परीक्षा मॉडल ब्लूप्रिंट (15 अंक | 250 शब्द)

“परीक्षण कीजिए कि मलक्का-सिंगापुर जलडमरूमध्य का सहकारी शासन ढांचा होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री संघर्ष को कम करने और पारगमन अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए एक संस्थागत खाका कैसे बन सकता है।”
मुख्य उत्तर संरचना (Answer Framework)
  • प्रस्तावना: होर्मुज जलडमरूमध्य के सैन्यीकरण के विपरीत मलक्का सिंगापुर जलडमरूमध्य सहकारी तंत्र मॉडल एवं होर्मुज जलडमरूमध्य अनक्लॉस पारगमन मार्ग के सहकारी ढांचे का परिचय दें।
  • कानूनी एवं रणनीतिक भिन्नताएं: UNCLOS पारगमन मार्ग नियम बनाम ईरान के 1993 के राष्ट्रीय प्रतिबंध।
  • 2007 का मलक्का मॉडल: तटीय देशों का नेतृत्व, उपयोगकर्ता देशों का वित्तीय योगदान, और संयुक्त समुद्री गश्त।
  • भारत के लिए निहितार्थ: भारत के 85% कच्चे तेल आयात की सुरक्षा और फारस की खाड़ी में स्थिरता को बढ़ावा।
Strait of Hormuz Strait of Malacca UNCLOS 1982 Transit Passage Energy Security

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (22 सितंबर 2026 FAQs)

1. गगनयान का क्रू मॉड्यूल वायुमंडलीय पुनप्रवेश के दौरान पैराशूट कैसे तैनात करता है?
गगनयान ADRDE (DRDO) द्वारा विकसित बहु-स्तरीय पैराशूट प्रणाली का उपयोग करता है। इसमें मॉड्यूल को स्थिर करने और गति कम करने के लिए 2 ड्रॉग पैराशूट, तथा सुरक्षित टचडाउन (~8.5 m/s) हेतु 3 मुख्य पैराशूट तैनात किए जाते हैं।
2. सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र के मेथनॉल विकृतीकरण नियमों को क्यों रद्द कर दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि औद्योगिक मेथनॉल में रंग व कड़वाहट मिलाने की अनिवार्यता का अवैध शराब रोकने से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था और यह वैध उद्योगों को नुकसान पहुंचाकर अनुच्छेद 14 व 19(1)(g) के तहत आनुपातिकता के सिद्धांत का उल्लंघन करती है।
3. मलक्का-सिंगापुर मॉडल होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट को कैसे हल कर सकता है?
2007 में UNCLOS अनुच्छेद 43 के तहत स्थापित मलक्का मॉडल तटीय देशों और उपयोगकर्ता देशों/उद्योगों को बिना कोई कर लगाए नौवहन सुरक्षा व पर्यावरण परियोजनाओं को संयुक्त रूप से वित्तपोषित करने का एक गैर-सैन्य ढांचा प्रदान करता है।
4. गगनयान के पैराशूटों में किन उन्नत एयरोस्पेस सामग्रियों का उपयोग किया गया है?
भारी भार वहन करने वाली डोरियों हेतु केवलर (Kevlar), ऊष्मा-उजागर भागों हेतु अग्निरोधी नोमेक्स (Nomex), तथा उच्च लोचदार झटके सोखने हेतु उच्च-तन्यता नायलॉन (Nylon) का उपयोग किया गया है।
5. पुट्टास्वामी निर्णय के चार-चरणीय आनुपातिकता परीक्षण क्या हैं?
1) वैध राज्य उद्देश्य, 2) तार्किक संबंध (Rational Nexus), 3) आवश्यकता (कम से कम प्रतिबंधात्मक उपाय), और 4) प्राप्त सामाजिक लाभ और छीने गए अधिकार के बीच पूर्ण संतुलन।
Published by: Todays Current Affairs | UPSC & State PSC Editorial Analysis (22 September 2026)
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