नीतिगत परिवर्तन: 10% स्थानीय आपदा सीमा का उन्मूलन
- अधिसूचित आपदा का ऐतिहासिक कदम: 4 अगस्त को गृह मंत्रालय ने लोकसभा में सूचित किया कि लू और आकाशीय बिजली को आधिकारिक प्राकृतिक आपदाओं में शामिल कर लिया गया है (कुल अधिसूचित आपदाओं की संख्या 14 हो गई)।
- असममिति की समाप्ति: पहले लू को केवल 'स्थानीय आपदा' माना जाता था, जिससे SDRF व्यय पर वार्षिक 10% की कठोर सीमा लगी हुई थी। नई अधिसूचना ने इस सीमा को समाप्त कर भारत में लू के लिए आपदा कोष का पूर्ण मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
- संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 280 के तहत 16वें वित्त आयोग (FC-XVI) ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की 5 वर्ष की अवधि हेतु राज्यों के लिए ₹2.04 लाख करोड़ के आपदा प्रबंधन कोष (SDRMF) की सिफारिश की है (15वें वित्त आयोग से 28% अधिक)।
- द्वि-स्तरीय फंड संरचना: त्वरित राहत और अनुग्रह राशि हेतु SDRF को ₹1.6 लाख करोड़ और संशोधित राज्य आपदा शमन कोष दिशानिर्देश के तहत दीर्घकालिक संरचनात्मक रोकथाम हेतु शेष राशि SDMF को आवंटित की गई है।
संवेदनशीलता मेट्रिक्स और स्थानीय निकायों की स्थिति
- जनसंख्या जोखिम: 35 जलवायु संकेतकों के आधार पर CEEW के अध्ययन से पता चलता है कि 57% से अधिक भारतीय जिले (देश की लगभग 75% आबादी) उच्च से अत्यधिक उच्च लू के जोखिम का सामना कर रहे हैं।
- रात के तापमान का संकट: दिन के अत्यधिक तापमान की तुलना में रात के न्यूनतम तापमान में वृद्धि और उच्च आर्द्रता मानव शरीर की प्राकृतिक शारीरिक पुनर्प्राप्ति (Nocturnal Cooling) को रोक देती है।
- कार्य योजनाओं का अभाव: 12 राज्यों द्वारा स्थानीय रूप से लू अधिसूचित करने के बावजूद केवल ~300 शहरों और जिलों में भारत में हीट एक्शन प्लान लागू हैं; लगभग 4,800 शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) और 800 ग्रामीण जिले बिना किसी योजना के हैं।
- स्व-आवंटन की विफलता: 2023 की समीक्षा में पाया गया कि मौजूदा भारत में हीट एक्शन प्लान में से 79% योजनाओं ने बिना किसी बजट के नगरपालिका विभागों को ही अपने स्तर पर फंड की व्यवस्था करने को कहा था।
| फंड विंडो | प्राथमिक उद्देश्य | अनुमत लू शमन गतिविधियाँ |
|---|---|---|
| SDRF (प्रतिक्रिया व राहत) | आपदा के तुरंत बाद आपातकालीन राहत | निःशुल्क पेयजल कियोस्क, ओआरएस वितरण, हीटस्ट्रोक से मृत्यु होने पर परिजनों को अनुग्रह मुआवजा। |
| SDMF (शमन कोष) | दीर्घकालिक संरचनात्मक जोखिम में कमी | कूल रूफ (सफेद छत) कार्यक्रम, छायादार पारगमन शेल्टर, शहरी हरित गलियारे और उन्नत पूर्व चेतावनी नेटवर्क। |
| राष्ट्रीय पूल (NDRF/NDMF) | राज्य की क्षमता से अधिक भीषण आपदाएं | गंभीर लू आपदाओं के दौरान राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने वाला ₹79,406 करोड़ का राष्ट्रीय कोष। |
1. बैंक योग्य परियोजनाएं
राज्य आपदा शमन कोष दिशानिर्देश के अनुरूप गैर-सरकारी संगठनों और अनुसंधान संस्थानों की मदद से फंड प्राप्त करने योग्य तकनीकी प्रस्ताव तैयार करना।
2. स्वास्थ्य निगरानी
प्रत्यक्ष हीटस्ट्रोक मौतों से आगे बढ़कर अत्यधिक गर्मी से बिगड़ने वाले हृदय, फेफड़े और गुर्दे के पुराने रोगों की व्यापक निगरानी करना।
3. योजनाओं का अभिसरण
भारत में लू के लिए आपदा कोष को पीएम आवास योजना, अमृत (AMRUT) हरित क्षेत्र और मनरेगा के छायादार कार्यस्थलों से जोड़ना।
4. पैरामीट्रिक बीमा
तापमान सीमा पार करते ही असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और किसानों को सीधे स्वचालित बैंक भुगतान प्रदान करने वाली बीमा प्रणाली लागू करना (नागालैंड मॉडल)।
भारत में लू के लिए आपदा कोष का राज्य आपदा शमन कोष दिशानिर्देश और भारत में हीट एक्शन प्लान के साथ प्रभावी समन्वय जलवायु-सहनशील शहरों के निर्माण की कुंजी है।
1. भारत के संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत वित्त आयोग राज्यों को आपदा प्रबंधन अनुदान देने के सिद्धांतों की सिफारिश करता है।
2. हालिया अधिसूचना से पहले, राज्यों को लू जैसी गैर-अधिसूचित स्थानीय आपदाओं के लिए अपने SDRF का 50% तक उपयोग करने की अनुमति थी।
3. राज्य आपदा शमन कोष (SDMF) का उपयोग केवल आपदा के बाद तत्काल अनुग्रह राहत देने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
सही उत्तर: A — केवल 1
कथन 1 सही है (अनुच्छेद 280 आपदा वित्तपोषण की सिफारिश करता है)। कथन 2 गलत है (पहले की सीमा 10% थी, 50% नहीं)। कथन 3 गलत है (SDMF दीर्घकालिक रोकथाम हेतु है, तत्काल राहत SDRF से दी जाती है)।
1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा की जाती है।
2. मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य कार्यकारी समिति (SEC) राज्य आपदा प्रबंधन योजना के कार्यान्वयन के समन्वय के लिए जिम्मेदार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A) केवल 1 B) केवल 2 C) 1 और 2 दोनों D) न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
NDMA के पदेन अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं (गृह मंत्री नहीं)। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली SEC राज्य स्तर पर योजनाओं का समन्वय करती है।
A) 50:50 B) 75:25 C) 90:10 D) 60:40
सही उत्तर: B — 75:25
केंद्र सरकार सामान्य श्रेणी के राज्यों के लिए 75% और पूर्वोत्तर/हिमालयी राज्यों के लिए 90% का योगदान करती है।
UPSC CSE Mains 2023 — GS Paper III (वास्तविक PYQ)
Mains मॉडल उत्तर रूपरेखा (15 अंक | 250 शब्द)
मुख्य उत्तर बिंदु
- प्रस्तावना: 10% की सीमा समाप्त होने से भारत में लू के लिए आपदा कोष पूर्ण रूप से उपलब्ध हो गया है, जिससे जलवायु विषमताएं राजकोषीय संघवाद के केंद्र में आ गई हैं।
- संस्थागत चुनौतियाँ: 4,800 से अधिक शहरी निकायों में भारत में हीट एक्शन प्लान का अभाव और असंगठित स्व-आवंटन से बजट की भारी कमी।
- शमन रणनीतियाँ: कूल रूफ, शहरी आर्द्रभूमि और गर्मी प्रतिरोधी भवन उपनियमों के लिए राज्य आपदा शमन कोष दिशानिर्देश का लाभ उठाना।
- आगे की राह: हीटस्ट्रोक से आगे बढ़कर स्वास्थ्य निगरानी का विस्तार, तापमान आधारित पैरामीट्रिक बीमा का प्रसार और अमृत (AMRUT) व पीएम आवास योजना के साथ तालमेल।