The Hindu Editorial Today in Hindi 4 September 2026
UPSC सिविल सेवा & State PCS | The Hindu संपादकीय विश्लेषण (4 September 2026)
GS Paper II अंतर्राष्ट्रीय संबंध क्षेत्रीय संगठन व भू-राजनीति

सर्वसम्मति का निर्माण: SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन और भारत की यूरेशियाई कूटनीति और क्षेत्रीय संतुलन

Prelims: SCO बिश्केक घोषणापत्र व RATS संरचना Mains: यूरेशियाई भू-राजनीति व आतंकवाद विरोध State PCS: अंतर्राष्ट्रीय संगठन
1 पश्चिम एशिया संकट की छाया में SCO की 25वीं वर्षगांठ

वैश्विक आर्थिक और ऊर्जा तनाव के बीच यूरेशियाई नेताओं की बैठक

  • 25वीं वर्षगांठ: किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया।
  • संघर्ष का प्रभाव: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच पिछले छह महीने से जारी युद्ध ने होर्मुज जलडमरूमध्य के व्यापारिक मार्गों और ऊर्जा सुरक्षा को गंभीर रूप से बाधित किया है।
  • बिश्केक घोषणापत्र: सम्मेलन ने ईरान पर हमलों की निंदा की और NPT के तहत ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के अधिकार का समर्थन किया।
  • दिल्ली सम्मेलन का सेतु: यहां उपस्थित प्रमुख नेता (पुतिन, शी जिनपिंग, पेजेश्कियन) 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन में मिलेंगे, जिससे SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन और भारत की यूरेशियाई कूटनीति वैश्विक दक्षिण (Global South) की सहमति बनाने का केंद्र बन गई है।
25 वर्ष
SCO रजत जयंती सम्मेलन
12-13 सितंबर
नई दिल्ली BRICS शिखर सम्मेलन
मध्य एशिया
महत्वपूर्ण खनिज व व्यापारिक संपर्क
2 आतंकवाद विरोध पर भारत का कड़ा रुख और पाकिस्तान की नई धुरी

आतंकवाद पर दोहरे मापदंडों का विरोध

प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकी वित्तपोषण, भर्ती और सुरक्षित पनाहगाहों को नष्ट करने का आह्वान किया और पाकिस्तान का नाम लिए बिना स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद को राजकीय नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाए।

पाकिस्तान की बदलती कूटनीति

पाकिस्तान द्वारा SCO की घूर्णन अध्यक्षता संभालने के बीच, उसके सऊदी अरब और तुर्किए के साथ नए सुरक्षा समझौतों पर भारत को सतर्क और सक्रिय कूटनीतिक संतुलन साधने की आवश्यकता है।

3 4-सूत्रीय यूरेशियाई नीति ढांचा

1. कनेक्टिविटी विस्तार

अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) और चाबहार बंदरगाह के माध्यम से यूरेशियाई व्यापार को गति देना।

2. रणनीतिक खनिज सुरक्षा

उज्बेकिस्तान और कजाकिस्तान के साथ लिथियम, दुर्लभ पृथ्वी खनिजों और यूरेनियम की आपूर्ति सुनिश्चित करना।

3. RATS संरचना का आधुनिकीकरण

ताशकंद स्थित SCO आतंकवाद-विरोधी तंत्र को साइबर आतंकवाद और सीमा पार नेटवर्क से निपटने के लिए सुदृढ़ करना।

4. रणनीतिक स्वायत्तता

यूरेशियाई महाद्वीपीय मंचों (SCO/BRICS) और समुद्री गठबंधनों (Quad) के बीच व्यावहारिक संतुलन बनाए रखना।

महाद्वीपीय सुरक्षा और व्यापार हेतु SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन और भारत की यूरेशियाई कूटनीति अत्यधिक प्रभावी साबित होगी।

✎ प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q1. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन और भारत की यूरेशियाई कूटनीति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. क्षेत्रीय आतंकवाद-विरोधी संरचना (RATS) SCO का एक स्थायी अंग है जिसका मुख्यालय ताशकंद, उज्बेकिस्तान में है।
2. ईरान और बेलारूस शंघाई सहयोग संगठन में शामिल होने वाले सबसे नवीनतम पूर्ण सदस्य देश हैं।
3. SCO शासनाध्यक्षों की परिषद के सभी निर्णय साधारण बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A) केवल 1 और 2
  • B) केवल 2 और 3
  • C) केवल 1 और 3
  • D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2

कथन 3 गलत है क्योंकि SCO के सभी निर्णय सर्वसम्मति (Consensus) के आधार पर लिए जाते हैं, बहुमत से नहीं। कथन 1 (RATS ताशकंद) और कथन 2 (ईरान 2023, बेलारूस 2024) सही हैं।

🏆 UPSC CSE Prelims 2022 (वास्तविक PYQ)
Q. निम्नलिखित देशों पर विचार कीजिए:

1. अजरबैजान    2. आर्मेनिया    3. किर्गिस्तान    4. ताजिकिस्तान    5. उज्बेकिस्तान

उपर्युक्त में से कौन-से 'तुर्किक राज्यों के संगठन' (Organisation of Turkic States) के सदस्य हैं?
A) केवल 1, 2 और 4    B) केवल 1, 3 और 5    C) केवल 2, 3 और 5    D) 1, 2, 3, 4 और 5
  • A) केवल 1, 2 और 4
  • B) केवल 1, 3 और 5 (अजरबैजान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान)
  • C) केवल 2, 3 और 5
  • D) 1, 2, 3, 4 और 5
सही उत्तर: B — केवल 1, 3 और 5

तुर्किक राज्यों के संगठन में अजरबैजान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तुर्की और उज्बेकिस्तान सदस्य हैं। आर्मेनिया और ताजिकिस्तान इसके सदस्य नहीं हैं।

UPSC CSE Mains 2021 — GS Paper II (वास्तविक PYQ)

“यूरेशिया में उभरते भू-राजनीतिक घटनाक्रम के संदर्भ में भारत के लिए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के महत्व का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।” (15 अंक | 250 शब्द)

Mains मॉडल उत्तर रूपरेखा (15 अंक | 250 शब्द)

“मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और बदलती क्षेत्रीय सुरक्षा धुरी के बीच, SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन और भारत की यूरेशियाई कूटनीति भारत के विदेश नीति हितों को कैसे संतुलित करती है? विवेचना कीजिए।”
मुख्य उत्तर बिंदु
  • प्रस्तावना: 25वें SCO बिश्केक सम्मेलन की प्रासंगिकता और SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन और भारत की यूरेशियाई कूटनीति के संदर्भ को रेखांकित करना।
  • रणनीतिक अवसर: मध्य एशियाई देशों से महत्वपूर्ण खनिज (लिथियम/यूरेनियम) प्राप्त करना, RATS के माध्यम से आतंकवाद-रोधी समन्वय और दिल्ली ब्रिक्स सम्मेलन के लिए सर्वसम्मति बनाना।
  • चुनौतियां: पाकिस्तान की अध्यक्षता व नए त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौते, चीन का प्रभाव और पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच संतुलन।
  • आगे का मार्ग: महाद्वीपीय यूरेशिया और समुद्री इंडो-पैसिफिक के बीच दोहरी कूटनीतिक रणनीति और INSTC कनेक्टिविटी में तेजी।
SCO बिश्केक सम्मेलन मध्य एशिया संबंध आतंकवाद विरोध रणनीतिक स्वायत्तता
GS Paper III भारतीय अर्थव्यवस्था व राष्ट्रीय आय सांख्यिकीय पद्धतियां व विनिर्माण

विनिर्माण क्षेत्र GVA में अंतर: भारत में विनिर्माण क्षेत्र GVA अंतर और MCA 21 डेटा के 40.9% सांख्यिकीय विचलन का विश्लेषण

Prelims: NAS, ASI, ASUSE व MCA-21 डेटाबेस Mains: GDP गणना पद्धतियां व विसंगतियां State PCS: आर्थिक सांख्यिकी
1 आधिकारिक NAS अनुमान बनाम जमीनी सर्वेक्षण

फैक्ट्री उत्पादन और कॉर्पोरेट बैलेंस शीट के बीच ₹11.2 लाख करोड़ का अंतर

  • आधिकारिक आंकड़े: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी (NAS) के अनुसार, 2023-24 में विनिर्माण क्षेत्र का सकल मूल्य वर्धन (GVA) ₹38.6 लाख करोड़ (GDP का 14.7%) है।
  • वैकल्पिक जमीनी अनुमान (AE): संगठित फैक्ट्री क्षेत्र के वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) और असंगठित क्षेत्र के ASUSE सर्वेक्षण का कुल योग केवल ₹27.4 लाख करोड़ है।
  • भारी अंतर: आधिकारिक NAS अनुमान जमीनी सर्वेक्षणों से ₹11.2 लाख करोड़ (40.9%) अधिक है, जिसने भारत में विनिर्माण क्षेत्र GVA अंतर और MCA 21 डेटा की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है।
  • मूल कारण: 2011-12 के आधार वर्ष संशोधन के बाद, फैक्ट्री स्तर के भौतिक सर्वेक्षण (ASI) के बजाय कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के MCA-21 कंपनी बैलेंस-शीट डेटा का उपयोग किया जाना है।
सांख्यिकीय पैमाना जमीनी सर्वेक्षण (ASI + ASUSE) राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी (NAS / MCA-21)
डेटा स्रोत भौतिक फैक्ट्री ऑडिट (ASI) + असंगठित इकाइयां (ASUSE) कंपनियों द्वारा MCA-21 पर दाखिल वित्तीय बैलेंस शीट
2023-24 GVA आकार ₹27.4 लाख करोड़ (संगठित: ₹23.6L Cr | असंगठित: ₹3.8L Cr) ₹38.6 लाख करोड़ (GDP का 14.7%)
कार्यबल का आधार सर्वेक्षणों में 532.9 लाख पंजीकृत व अनौपचारिक श्रमिक दर्ज 2.72 लाख सक्रिय कंपनियों का नमूना-आधारित स्केलिंग-अप मॉडल
अस्पष्ट अंतर शेष श्रमिकों का अधिकतम संभावित मूल्य ₹3.6 लाख करोड़ ₹7.6 लाख करोड़ (GVA का 19.7%) अभी भी सांख्यिकीय रूप से अस्पष्ट
2 श्रम बल की जांच और शेल कंपनियों का प्रभाव

PLFS श्रम बल सत्यापन

आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के अनुसार विनिर्माण में 697.5 लाख श्रमिक हैं। ASI और ASUSE में 532.9 लाख श्रमिक शामिल हैं। शेष 164.6 लाख श्रमिकों का अधिकतम संभावित GVA (₹3.6 लाख करोड़) जोड़ने पर भी कुल उत्पादन ₹31.0 लाख करोड़ ही पहुंचता है (NAS का 80.3%)।

शेल कंपनियां और स्केलिंग-अप मॉडल

शेष ₹7.6 लाख करोड़ के अंतर का मुख्य कारण NSO द्वारा नमूना कंपनियों के आंकड़ों को निष्क्रिय या शेल (कागजी) कंपनियों पर भी लागू (Blowing-up) कर कुल उत्पादन का अनुमान लगाना है।

3 4-सूत्रीय सांख्यिकीय सुधार रूपरेखा

1. MCA-21 का सार्वजनिक ऑडिट

भारत में विनिर्माण क्षेत्र GVA अंतर और MCA 21 डेटा के निष्पक्ष सत्यापन के लिए शोधकर्ताओं को अनाम डेटा उपलब्ध कराना।

2. हाइब्रिड गणना मॉडल

कॉर्पोरेट वित्तीय डेटा को फैक्ट्री स्तर के वास्तविक उत्पादन सूचकांकों के साथ मिलाकर जांचना।

3. निष्क्रिय कंपनियों को हटाना

राष्ट्रीय आय गणना से पूर्व बंद और फर्जी शेल कंपनियों को सक्रिय कंपनी रजिस्टर से बाहर करना।

4. समयबद्ध असंगठित सर्वेक्षण

ASUSE सर्वेक्षणों को बिना किसी विलंब के प्रतिवर्ष आयोजित कर सूक्ष्म उद्योगों की वास्तविक स्थिति दर्ज करना।

सटीक आर्थिक नीतियों के निर्माण हेतु भारत में विनिर्माण क्षेत्र GVA अंतर और MCA 21 डेटा का सांख्यिकीय समाधान आवश्यक है।

✎ प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q2. राष्ट्रीय आय लेखांकन और भारत में विनिर्माण क्षेत्र GVA अंतर और MCA 21 डेटा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) बिजली का उपयोग करने वाले 10 या अधिक और बिना बिजली के 20 या अधिक श्रमिकों वाले पंजीकृत कारखानों को कवर करता है।
2. असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा आयोजित किया जाता है।
3. बुनियादी मूल्यों पर सकल मूल्य वर्धन (GVA at Basic Prices) में उत्पादन कर शामिल होते हैं और उत्पादन सब्सिडी घटाई जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A) केवल 1 और 2
  • B) केवल 1 और 3
  • C) केवल 2 और 3
  • D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 3

कथन 2 गलत है क्योंकि ASUSE सर्वेक्षण MoSPI के तहत NSO द्वारा आयोजित किया जाता है, RBI द्वारा नहीं। कथन 1 और 3 सही हैं।

🏆 UPSC CSE Prelims 2015 (वास्तविक PYQ)
Q. 'आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक' (Index of Eight Core Industries) में निम्नलिखित में से किसको सर्वाधिक भार (Weight) दिया गया है?

A) कोयला उत्पादन
B) विद्युत उत्पादन
C) उर्वरक उत्पादन
D) पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद
  • A) कोयला उत्पादन
  • B) विद्युत उत्पादन
  • C) उर्वरक उत्पादन
  • D) पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद (~28.04% भार)
सही उत्तर: D — पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद

आठ प्रमुख उद्योगों में पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों का भार सर्वाधिक (28.04%) है, जिसके बाद विद्युत (19.85%) और इस्पात (17.92%) आते हैं।

UPSC CSE Mains 2021 — GS Paper III (वास्तविक PYQ)

“साधन लागत पर जीडीपी और बाजार मूल्य पर जीडीपी की गणना पद्धति के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए। हाल के वर्षों में राष्ट्रीय आय अनुमानों में किए गए संशोधनों के क्या कारण हैं?” (15 अंक | 250 शब्द)

Mains मॉडल उत्तर रूपरेखा (15 अंक | 250 शब्द)

“कॉर्पोरेट वित्तीय डेटा (MCA-21) और जमीनी फैक्ट्री सर्वेक्षणों (ASI) के बीच बढ़ता अंतर भारत के जीडीपी आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। भारत में विनिर्माण क्षेत्र GVA अंतर और MCA 21 डेटा के संदर्भ में परीक्षण कीजिए।”
मुख्य उत्तर बिंदु
  • प्रस्तावना: आधिकारिक NAS विनिर्माण GVA (₹38.6L Cr) और जमीनी सर्वेक्षणों (₹27.4L Cr) के बीच 40.9% के अंतर को भारत में विनिर्माण क्षेत्र GVA अंतर और MCA 21 डेटा के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करना।
  • विसंगति के कारण: फैक्ट्री-आधारित उत्पादन के बजाय कॉर्पोरेट बैलेंस शीट का उपयोग, जिसमें मुख्यालय सेवाएं और गैर-विनिर्माण व्यापारिक लाभ शामिल हो जाते हैं।
  • ढांचागत कमियां: शेल कंपनियों का नमूना विस्तार (Scaling-up) और PLFS रोजगार आंकड़ों के साथ असंगति।
  • सुधार उपाय: GSTN ई-वे बिल और भौतिक उत्पादन का मिलान, सूक्ष्म डेटा का सार्वजनिक प्रकाशन और सांख्यिकीय ऑडिट।
विनिर्माण GVA MCA-21 डेटाबेस ASI सर्वेक्षण राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी
GS Paper II सामाजिक न्याय व स्वास्थ्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन

40 करोड़ से अधिक भारतीय स्वास्थ्य सेवा अंतर में: भारत में स्वास्थ्य सेवा मिसिंग मिडल अंतर और जेब से होने वाला खर्च पर संसदीय समिति की रिपोर्ट

Prelims: PM-JAY व क्लिनिकल प्रतिष्ठान अधिनियम Mains: सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज व मिसिंग मिडल State PCS: स्वास्थ्य व्यय लक्ष्य
1 40 करोड़ आबादी का संकट: न सरकारी सब्सिडी, न निजी अस्पताल की क्षमता

असुरक्षित नடுத்தर वर्ग की स्वास्थ्य भेद्यता

  • संसदीय समिति की चेतावनी: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 40 करोड़ से अधिक लोग (जनसंख्या का 25% से अधिक) भारत में स्वास्थ्य सेवा मिसिंग मिडल अंतर और जेब से होने वाला खर्च के शिकार हैं।
  • दोहरा संकट: यह वर्ग आयुष्मान भारत (PM-JAY) जैसी सरकारी मुफ्त योजनाओं की पात्रता से बाहर है, लेकिन महंगे निजी अस्पतालों के अनियंत्रित उपचार खर्चों को सहने में असमर्थ है।
  • निजी क्षेत्र का वर्चस्व: देश में 60% से अधिक इनपेशेंट (भर्ती) और 70% से अधिक आउटपेशेंट (ओपीडी) उपचार निजी क्षेत्र में होते हैं।
  • दवाओं का अनवरत खर्च: कुल स्वास्थ्य व्यय का लगभग 30% केवल दवाओं पर खर्च होता है; मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी गैर-संचारी बीमारियां (NCDs) परिवारों की जीवन भर की बचत को धीरे-धीरे समाप्त कर देती हैं।
40+ करोड़
मिसिंग मिडल आबादी
1.43% GDP
सरकारी स्वास्थ्य व्यय (लक्ष्य: 2.5%)
16 गुना
निजी प्रसव खर्च (₹37,630 बनाम ₹2,299)
2 सार्वजनिक स्वास्थ्य बजट में गिरावट और निजी बीमा की सीमाएं

सरकारी स्वास्थ्य व्यय में कमी

कुल बजट में स्वास्थ्य आवंटन 2021-22 के 6.12% से घटकर 2022-23 में 4.89% रह गया। GDP के 1.43% का वर्तमान खर्च, राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के 2.5% के लक्ष्य से बहुत पीछे है।

केवल बीमा आधारित समाधान की सीमाएं

व्यावसायिक निजी बीमा अत्यधिक प्रीमियम, बीमारियों के बहिष्करण और दावों की अस्वीकृति से ग्रस्त है। समिति ने निष्कर्ष निकाला कि केवल बीमा मॉडल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का विकल्प नहीं हो सकता।

3 4-सूत्रीय संसदीय सुधार पैकेज

1. क्लिनिकल प्रतिष्ठान अधिनियम

भारत में स्वास्थ्य सेवा मिसिंग मिडल अंतर और जेब से होने वाला खर्च को रोकने हेतु उपचार दरों के मानकीकरण और मूल्य प्रदर्शन को देशव्यापी अनिवार्य करना।

2. दवा मूल्य विनियमन

गैर-अनुसूचित दवाओं पर अत्यधिक व्यापारिक मार्जिन को सीमित करना और बिना पर्चे के एंटीबायोटिक बिक्री पर रोक लगाना।

3. किफायती अंशदायी स्वास्थ्य योजना

स्व-रोजगार और मध्यम आय वर्ग के लिए कम प्रीमियम वाले सरकारी समर्थित वैकल्पिक स्वास्थ्य बीमा उत्पाद तैयार करना।

4. प्राथमिक स्वास्थ्य का विस्तार

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मजबूत कर मुफ्त जांच और आवश्यक जेनेरिक दवाएं ओपीडी स्तर पर उपलब्ध कराना।

सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा (SDG 3) प्राप्त करने हेतु भारत में स्वास्थ्य सेवा मिसिंग मिडल अंतर और जेब से होने वाला खर्च को कम करना अनिवार्य है।

✎ प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न
Q3. स्वास्थ्य वित्तपोषण और भारत में स्वास्थ्य सेवा मिसिंग मिडल अंतर और जेब से होने वाला खर्च के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (NHP) 2017 ने सरकारी स्वास्थ्य व्यय को GDP के 2.5% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा था।
2. आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) माध्यमिक और तृतीयक अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख का कवर प्रदान करती है।
3. क्लिनिकल प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010 राज्य विधानसभाओं की स्वीकृति के बिना सभी राज्यों में स्वतः लागू होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A) केवल 1 और 2
  • B) केवल 2 और 3
  • C) केवल 1 और 3
  • D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2

कथन 3 गलत है क्योंकि 'सार्वजनिक स्वास्थ्य' राज्य सूची (सूची II, प्रविष्टि 6) का विषय है; यह केंद्रीय अधिनियम अनुच्छेद 252 के तहत पारित हुआ था और इसे संबंधित राज्य विधानसभाओं द्वारा अपनाया जाना आवश्यक है। कथन 1 और 2 सही हैं।

🏆 UPSC CSE Prelims 2019 (वास्तविक PYQ)
Q. भारत सरकार की 'डिजिटल इंडिया' योजना का/के क्या उद्देश्य है/हैं?

1. भारत की अपनी इंटरनेट कंपनियों का गठन जैसा चीन ने किया।
2. बिग डेटा एनालिटिक्स में निवेश करने वाले विदेशी स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने हेतु नीति ढांचा बनाना।
3. हमारे कई गांवों को इंटरनेट से जोड़ना और स्कूलों व विश्वविद्यालयों में इंटरनेट लाना।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
A) केवल 1 और 2    B) केवल 3    C) केवल 2 और 3    D) 1, 2 और 3
  • A) केवल 1 और 2
  • B) केवल 3 (ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी)
  • C) केवल 2 और 3
  • D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 3

डिजिटल इंडिया का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को डिजिटल बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना, भारतनेट के माध्यम से गांवों को जोड़ना और ज्ञान सशक्तिकरण करना है।

UPSC CSE Mains 2020 — GS Paper II (वास्तविक PYQ)

“सामाजिक विकास की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए सुदृढ़ और प्रभावी स्वास्थ्य नीतियां अपरिहार्य हैं। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और वहनीयता से संबंधित मुद्दों पर चर्चा कीजिए।” (15 अंक | 250 शब्द)

Mains मॉडल उत्तर रूपरेखा (15 अंक | 250 शब्द)

“भारत की स्वास्थ्य संरचना अत्यंत निर्धनों को सब्सिडी और संपन्न वर्ग को निजी चिकित्सा प्रदान करती है, जिससे 40 करोड़ से अधिक मध्यम वर्ग बिना किसी सुरक्षा के रह जाता है। भारत में स्वास्थ्य सेवा मिसिंग मिडल अंतर और जेब से होने वाला खर्च के संदर्भ में विवेचना कीजिए।”
मुख्य उत्तर बिंदु
  • प्रस्तावना: संसदीय समिति द्वारा चिह्नित 'मिसिंग मिडल' (40 करोड़ लोग) की स्थिति को भारत में स्वास्थ्य सेवा मिसिंग मिडल अंतर और जेब से होने वाला खर्च के माध्यम से स्पष्ट करना।
  • ढांचागत चुनौतियां: GDP के 1.43% का कम बजट आवंटन, 70% ओपीडी में निजी निर्भरता और दवाओं पर 30% जेब खर्च।
  • निजी बीमा की कमियां: उच्च प्रीमियम, बीमारियों का बहिष्करण और ओपीडी प्राथमिक चिकित्सा की उपेक्षा।
  • आगे का मार्ग: क्लिनिकल प्रतिष्ठान अधिनियम का सख्त क्रियान्वयन, जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता और मध्यम वर्ग हेतु कम लागत वाली सामाजिक स्वास्थ्य बीमा योजनाएं।
मिसिंग मिडल जेब से होने वाला खर्च क्लिनिकल प्रतिष्ठान कानून सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (4 September 2026 FAQs)

1. 2026 बिश्केक SCO शिखर सम्मेलन में भारत के मुख्य कूटनीतिक संदेश क्या थे?
भारत ने सीमा पार आतंकवाद पर दोहरे मानदंडों को समाप्त करने, ईरान पर हमलों की निंदा करने, मध्य एशियाई देशों के साथ महत्वपूर्ण खनिजों पर साझेदारी बढ़ाने और आगामी दिल्ली ब्रिक्स सम्मेलन के लिए सर्वसम्मति बनाने पर जोर दिया।
2. भारत के विनिर्माण क्षेत्र GVA अनुमानों में 40.9% का अंतर क्यों है?
राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी (NAS) कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के MCA-21 डेटाबेस का उपयोग करती है जो कंपनियों के वित्तीय आंकड़ों पर आधारित है, जबकि ASI और ASUSE वास्तविक फैक्ट्री और जमीनी उत्पादन को दर्शाते हैं।
3. भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में 'मिसिंग मिडल' (Missing Middle) से क्या तात्पर्य है?
'मिसिंग मिडल' देश की 40 करोड़ से अधिक आबादी (25% से अधिक) है जो आयुष्मान भारत (PM-JAY) जैसी सब्सिडी योजनाओं के लिए बहुत संपन्न है, लेकिन महंगे निजी अस्पतालों के खर्च को वहन करने में असमर्थ है।
4. राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के लक्ष्य की तुलना में भारत का वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय कितना है?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के जीडीपी के 2.5% के लक्ष्य की तुलना में भारत सरकार का वर्तमान स्वास्थ्य व्यय जीडीपी का केवल 1.43% है।
5. स्वास्थ्य सेवा अंतर को पाटने के लिए संसदीय स्थायी समिति ने क्या सिफारिशें की हैं?
समिति ने क्लिनिकल प्रतिष्ठान अधिनियम को देशव्यापी लागू करने, निजी अस्पतालों में मूल्य पारदर्शिता, खुदरा फार्मेसी मार्जिन पर सीमा तय करने और केवल बीमा के बजाय सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार की सिफारिश की।
प्रस्तुति: Todays Current Affairs | UPSC सिविल सेवा एवं State PCS संपादकीय विश्लेषण (4 September 2026)
hindu editorial analysis in hindi
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