आईसीएमआर (ICMR) अध्ययन ने शहरी युवाओं में तेजी से बढ़ते उपयोग पर जताई चिंता
- आईसीएमआर-एनआईसीपीआर का अध्ययन: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च के एक नए अध्ययन के अनुसार, निकोटीन पाउच (जैसे ज़िन, लिफ्ट) क्विक-कॉमर्स डिलीवरी ऐप्स, ऑनलाइन मार्केटप्लेस और हुक्का लाउंज के जरिए भारतीय शहरों में तेजी से पहुंच रहे हैं।
- उत्पाद की संरचना: ये छोटे, चाय-की-थैली जैसे पाउच होते हैं जिनमें फार्मास्युटिकल निकोटीन, फ्लेवर और पौधे के रेशे होते हैं। इन्हें होंठ और मसूड़े के बीच रखा जाता है, जिससे निकोटीन सीधे रक्तप्रवाह में अवशोषित होता है।
- कानूनी शून्यता: चूंकि इनमें तंबाकू का पत्ता नहीं होता और न ही यह धुआं या भाप छोड़ते हैं, इसलिए भारत में निकोटीन पाउच का विनियमन और सार्वजनिक स्वास्थ्य मौजूदा कानूनों की गिरफ्त से बाहर बना हुआ है।
गंभीर स्वास्थ्य जोखिम
तीव्र रासायनिक लत, किशोरों के मस्तिष्क विकास पर दुष्प्रभाव, मुंह के छाले (घाव), और हृदय संबंधी विकारों का खतरा।
भ्रामक लाइफस्टाइल मार्केटिंग
"तंबाकू-मुक्त, धुआं-मुक्त, थूक-रहित" बताकर इसे सुरक्षित विकल्प के रूप में युवाओं में विज्ञापित किया जा रहा है।
चार प्रमुख विधिक ढांचों में मौजूद सीमाएं
- कोटपा (COTPA) 2003 की सीमा: सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 केवल तंबाकू के पत्तों से बने उत्पादों पर लागू होता है; तंबाकू-रहित सिंथेटिक निकोटीन इसके दायरे में नहीं आता।
- पेका (PECA) 2019 की सीमा: इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 केवल एरोसोल/भाप उत्पन्न करने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध लगाता है। गैर-इलेक्ट्रॉनिक ओरल पाउच इसके तहत नहीं आते।
- औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940: निकोटीन स्वयं एक अनुसूचित दवा नहीं है; केवल निकोटीन गम्स/लोजेंजेस (<2mg) को अनुसूची-के (Schedule K) के तहत तंबाकू मुक्ति हेतु छूट है। पाउच किसी चिकित्सीय लाभ का दावा नहीं करते।
- खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम (FSSA 2006): भोजन की व्यापक परिभाषा में चबाने वाले पदार्थ शामिल हैं (सुपारी/गुटखा की तरह), किंतु सिंथेटिक निकोटीन पाउच पर इसके प्रावधान लागू करने में विधिक अस्पष्टता है।
| कानून / संस्था | नियामक दायरा | निकोटीन पाउच पर स्थिति | प्रवर्तन में बाधा |
|---|---|---|---|
| कोटपा (COTPA) 2003 | तंबाकू विज्ञापन, चेतावनी और बिक्री नियंत्रण | लागू नहीं | केवल तंबाकू के पत्ते वाले उत्पादों तक सीमित |
| पेका (PECA) 2019 | ई-सिगरेट, वेप्स और एंड्स (ENDS) पर प्रतिबंध | लागू नहीं | केवल भाप बनाने वाले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तक सीमित |
| औषधि अधिनियम 1940 | चिकित्सीय उत्पाद और निकोटीन थेरेपी (NRT) | अस्पष्ट | पाउच किसी तंबाकू मुक्ति का दावा नहीं करते |
| सीमा शुल्क / डीजीएफटी | आईटीसी-एचएस कोड 2404 91 30 (प्रतिबंधित) | लाइसेंस अनिवार्य | तस्करी और ड्यूटी-फ्री एयरपोर्ट दुकानों से बिक्री |
1. धारा 11 सीमा शुल्क प्रतिबंध
सीमा शुल्क अधिनियम 1962 की धारा 11 के तहत सभी गैर-चिकित्सीय निकोटीन पाउच के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
2. एफएसएसएआई निषेधाज्ञा
FSSA 2006 की धारा 30(2)(a) का उपयोग कर ओरल निकोटीन उत्पादों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाई जाए।
3. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर कार्रवाई
आईटी नियम 2021 के तहत क्विक-कॉमर्स और ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स से अवैध निकोटीन उत्पादों को तत्काल हटवाया जाए।
4. कोटपा में व्यापक संशोधन
कोटपा अधिनियम में संशोधन कर सभी सिंथेटिक और निष्कर्षण आधारित निकोटीन उत्पादों को शामिल कर भारत में निकोटीन पाउच का विनियमन और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुदृढ़ किया जाए।
समय रहते भारत में निकोटीन पाउच का विनियमन और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए कठोर कदम उठाना युवाओं को एक नई लत से बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
1. सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 केवल तंबाकू के पत्तों से बने उत्पादों पर लागू होता है।
2. इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (निषेध) अधिनियम (PECA), 2019 के तहत गैर-इलेक्ट्रॉनिक ओरल निकोटीन पाउच पर स्वतः प्रतिबंध लागू होता है।
3. डीजीएफटी (DGFT) की आयात नीति के तहत बिना तंबाकू वाले ओरल निकोटीन उत्पादों को 'प्रतिबंधित' (Restricted) सूची में रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
सही उत्तर: B — केवल 1 और 3
कथन 1 सही है (कोटपा केवल तंबाकू उत्पादों पर लागू होता है)। कथन 2 गलत है क्योंकि पेका 2019 केवल एरोसोल उत्पन्न करने वाले इलेक्ट्रॉनिक वेपिंग उपकरणों पर लागू होता है। कथन 3 सही है (आईटीसी-एचएस 2404 91 30 के तहत यह प्रतिबंधित श्रेणी में है)।
1. यह इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन को प्रतिबंधित करता है।
2. यह ई-सिगरेट के व्यक्तिगत उपभोग और उपयोग को 3 वर्ष तक के कारावास से दंडित करता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
A) केवल 1 B) केवल 2 C) 1 और 2 दोनों D) न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर: A — केवल 1
पेका 2019 वाणिज्यिक निर्माण, आयात, बिक्री और विज्ञापन को प्रतिबंधित करता है (धारा 4)। व्यक्तिगत उपभोग पर सीधे जेल की सजा का प्रावधान नहीं है; दंड वितरकों और भंडारणकर्ताओं पर लक्षित है।
UPSC CSE Mains 2021 — GS Paper II (Actual PYQ)
मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर संरचना (15 अंक | 250 शब्द)
मुख्य बिंदु संरचना
- प्रस्तावना: निकोटीन पाउच को परिभाषित करें और आईसीएमआर की चेतावनी का उल्लेख करते हुए भारत में निकोटीन पाउच का विनियमन और सार्वजनिक स्वास्थ्य में कानूनी अंतर स्पष्ट करें।
- विधिक कमियां: तंबाकू के पत्ते का अभाव (COTPA की विफलता); हीटिंग डिवाइस की अनुपस्थिति (PECA की विफलता); गैर-चिकित्सीय स्वरूप (Schedule K अस्पष्टता); क्विक-कॉमर्स डिलीवरी खामियां।
- स्वास्थ्य प्रभाव: निकोटीन की लत, किशोरों के मानसिक विकास पर प्रभाव, हृदय संबंधी जोखिम, और अनुच्छेद 47 (लोक स्वास्थ्य सुधार का राज्य का कर्तव्य) का उल्लंघन।
- आगे की राह: सीमा शुल्क धारा 11 के तहत आयात प्रतिबंध; एफएसएसएआई के तहत बिक्री रोक; ई-कॉमर्स पर प्रतिबंध; कोटपा का सर्वसमावेशी संशोधन।